बंथरा क्षेत्र से हफ्ता भर पहले लकड़ी काटने निकले ग्रामीण की हमलावरों ने गला काटकर हत्या कर दी।
धड़ मंगलवार सुबह उन्नाव के पुरवा क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में मिला है। सिर की तलाश जारी है। पुलिस ने वारदात के पीछे गलत रिश्तों का शक जताया है।
उन्नाव के पुरवा थाने की पुलिस ने गांव हुलासी खेड़ा में रजबहा के किनारे झाड़ियों से एक सिर विहीन शव बरामद किया। कलाई पर गोदने से मोहनलाल रावत लिखा था। इस पर पुरवा थाने के इंस्पेक्टर ने एसओ बंथरा को फोन कर शव मिलने की जानकारी दी।
28 जनवरी से लापता बंथरा के गांव कुरौनी के मजरा कासिम खेड़ा निवासी मोहनलाल रावत की गुमशुदगी के बारे में पुलिस को जानकारी थी। शव मिलने की सूचना पर बंथरा पुलिस गांव कासिम खेड़ा के प्रकाश रावत को साथ लेकर मौके पर पहुंची।
प्रकाश ने शव की शिनाख्त अपने भाई मोहनलाल के रूप में की। इसके साथ गांव खटोला निवासी भीखा लोध पर हत्या व साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि भीखा लोध 28 को मोहन को घर से बुला ले गया था। अगले दिन तक न लौटने पर तलाश शुरू हुई।
भाई के बारे में पूछने पर भीखा ने बताया कि मोहनलाल व कुछ अन्य लोग पुरवा क्षेत्र में लकड़ी काटने गए थे। वहीं खाना खाया और शराब पी।
इसके बाद लौट आए थे। दो दिन इंतजार के बाद मोहनलाल की पत्नी विमला देवी ने बंथरा थाने में अपने पति की गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुरवा थाना प्रभारी के मुताबिक,मौका ए वारदात से ऐसा लग रहा है कि मोहनलाल की किसी अन्य स्थान पर हत्या कर धड़ झाड़ियों में फेंका गया है।
सिर की तलाश जारी है। वहीं बंथरा पुलिस भी कातिलों की तलाश में जुटी है। हत्या के पीछे गलत रिश्तों का शक जताते हुए पड़ताल की जा रही है।
मजदूरी व लकड़ी काटने का काम करने वाले मोहनलाल की पत्नी विमला ने बताया कि उसकी तीन बेटियों में ज्योति की शादी हो चुकी है। रूबी, नीलू व बेटा नीरज पढ़ाई कर रहा है। विमला ने भीखा व उसके साथियों पर हत्या का आरोप लगाया है।