दुराचारी पुलिस कांस्टेबल गैंग की करतूत उजागर करने वाली पीड़ित नाबालिग छात्रा और उसके परिवार को अब दर-दर की ठोकरे खाने का मजबूर होना पड़ रहा है।
पहचान उजागर होने पर मकान मालिक द्वारा दबाव बनाने पर गैंगरेप पीड़िता और उसके परिवार ने सोमवार को किराए का मकान छोड़ना पड़ा। काफी प्रयास और मशक्कत के बाद पीड़ित परिवार ने नई जगह पर एक कमरे का मकान किराए पर लिया है।
पीड़ित परिवार की वित्तीय हालत काफी खस्ता है। वहीं अब कोई भी पीड़िता और परिवार की मदद करने के लिए आगे नहीं आ रहा है।
चंद राजनेताओं ने मदद करने का दावा किया था। योग गुरु बाबा रामदेव ने तो यहां तक कहा था कि वे नाबालिग की शिक्षा और अन्य खर्चा उठाएंगे।
युवा कांग्रेस की ओर से बाबा रामदेव के खिलाफ पीड़िता की पहचान उजागर करने की शिकायत भी की गई है। पहचान उजागर होने के कारण ही खुड्डा लाहौरा में पीड़िता परिवार अपना मकान बेचकर किराए के मकान में शिफ्ट हुए थे।
लेकिन यहां पर मकान मालिक को भी जब गैंगरेप पीड़िता की जानकारी हुई थी तो उसने परिवार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए मकान खाली करने के लिए कहा था। एक बार तो परिवार का सामान भी कमरे से बाहर निकाल दिया गया था।
पीड़िता के भाई का कहना है कि अभी जहां पर वह रह रहे थे, उसे छोड़ दिया गया है। अब नई जगह पर एक कमरा लिया गया है। उनका कहना है कि परिवार की हालत काफी दयानीय है।
प्रशासन को उनके परिवार को सरकारी मकान उपलब्ध करवाना चाहिए। वह इसके लिए प्रशासन को पत्र भी लिखेंगे। पीड़िता के वकील ब्रजेश्वर जसवाल का कहना है कि प्रशासन द्वारा अगर जल्द ही पीड़ित परिवार की ओर से ध्यान नहीं दिया गया तो वह हाईकोर्ट में इसी सप्ताह के अंत तक अर्जी दाखिल कर देंगे।
बंसल से उम्मीद है परिवार को
पीड़िता और उसका भाई दो दिन पहले शहर के सांसद पवन बंसल के निवास स्थान में भी मदद के लिए पहुंचे। वहां पर बंसल के बेटे मनीष बंसल को दोनों मिले थे।
पीड़ित परिवार को अब सांसद पवन बंसल से उम्मीद है कि वह उनके लिए प्रशासन से कोई सरकारी मकान एवं पुनर्वास योजना के तहत मकान उपलब्ध करवाएंगे। युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष हरमेल केसरी का कहना है कि शहर के सांसद पवन बंसल पीड़ित परिवार की जरूर मदद करेंगे।
सांसद पवन बंसल के बेटे मनीष बंसल ने बताया कि पीड़िता और उसका भाई मुझसे मिले थे। इस संबंध में डीसी से बात करेंगे। जो भी मदद कर सकते हैं, वे करेंगे।
सांसद पवन बंसल ने बताया कि हम पीड़िता की हर संभव मदद करेंगे। उसकी सुरक्षा और वित्तीय मदद को लेकर प्रशासन के संबंधित विभाग और अधिकारियों से बातचीत की जाएगी।