गौरी श्रीवास्तव जिस दोस्त के साथ उसके घर पहुंच गई वह हैवान ही नहीं शातिर भी निकला। पुलिस का दावा है कि हिमांशु प्रजापति ने गौरी का गला घोंटा। वह कोमा की स्थिति में पहुंच गई तो कुछ देर वहां बैठ मौत का इत्मीनान किया। इसके बाद घर में ताला लगा वह बाइक से घूमने निकल गया।
अपने दोस्त को बुलाया, उसके साथ जाम लड़ाया उसे घर छोड़ आया लेकिन उसे भनक तक नहीं लगने दिया। इसके बाद शव ठिकाने लगाने का सामान खरीदा और गौरी के टुकड़े कर डाले।
डीजीपी एके जैन का कहना है कि गौरी के मोबाइल में उसके कई दोस्तों के मैसेज व फोटो देखे तो हिमांशु आपा खो बैठा। अपमानजनक बातें कहने के साथ गला दबा दिया। यही नहीं कुछ देर पास में बैठकर खुद को सामान्य किया।
इसके बाद कमरे पर ताला लगाकर बाइक से घूमने निकला। इसके बाद दोस्त अनुज गौतम को बुलाया। उसके साथ वीआईपी रोड पर सुरेश मॉडल शॉप पहुंचा। जाम लड़ाने के दौरान गौरी का मोबाइल ऑन किया।
नाली में कपड़े ठूंसे और आरी से काट डाला
उस पर गौरी के पिता की कॉल आने से हड़बड़ाकर बोला कि गौरी की तबीयत खराब हो गई है। ईको पार्क के पास है। खुद भी ईको पार्क पहुंचकर आइसक्रीम खाई लेकिन गौरी के परिवारीजनों के आने से पहले खिसक लिया।
पुलिस अफसरों का कहना है कि हिमांशु ने अनुज को घर छोड़ने के बाद शव ठिकाने लगाने के लिए तेलीबाग की काका मार्केट में चावला आयरन एवं सीमेंट स्टोर ट्रेडर्स से लकड़ी काटने वाली आरी 50 रुपये में खरीदी। इसके बाद संजय स्टेशनर्स एंड बुक स्टोर्स से जूट के तीन बैग खरीदे।
घर लौटते ही कमरा भीतर से बंद किया। बिस्तर पर पड़े गौरी के कपड़े नाली में ठूंसे। इसके बाद आरी से शरीर के टुकड़े कर डाले। छह टुकड़े बैग में भरे। कमरे में फैला खून साफ किया और रात होते ही शव ठिकाने लगाने निकल पड़ा। उसने गौरी के टुकड़े फेंकने के लिए तीन चक्कर लगाए।
इत्मीनान से सुबूत नष्ट कर रहा था हिमांशु
कानून की छात्रा गौरी श्रीवास्तव को बाइक पर बैठाकर घर ले जाने वाले हिमांशु प्रजापति ने गुस्से में कत्ल किया। इसके बाद वह बेहद शातिर तरीके से छह दिनों से सुबूत नष्ट करने में जुटा था। गौरी के मोबाइल का ब्यौरा खंगालने के साथ कई रिकॉर्ड डिलीट कर दिए।
एएसपी क्राइम दिनेश सिंह ने बताया कि हिमांशु एक फरवरी की दोपहर गौरी को अशोक नगर से बाइक पर बैठाकर कई स्थानों पर घुमाया फिर अपने घर ले गया। वहां गुस्से में आकर उसका गला दबाया। गौरी के बेसुध होने पर बुरी तरह घबराया हिमांशु घर में बाहर से ताला लगाकर निकल गया।
सुबूत नष्ट करने के साथ अपनी बेगुनाही के साक्ष्य तैयार करने की साजिश रची। सबसे पहले उसने अपने दोस्त अनुज गौतम को बुलाया। उसके साथ वीआईपी रोड के मॉडल शॉप पर जाकर शराब पी। इस दौरान गौरी का मोबाइल बजने पर उसने अनुज से कुछ दूर हटकर बात की।
गौरी के मोबाइल में सभी रिकॉर्ड किए डिलीट
साजिश रची कि गौरी के बारे में पूछताछ की नौबत आने पर अनुज के साथ मॉडल शॉप में अपनी मौजूदगी की गवाही देगा और कोई उस पर शक नहीं करेगा।इसके बाद उसने अनुज को उसके घर के पास छोड़ा और लाश ठिकाने लगाने के लिए जरूरत का सामान लेने निकल गया।
बड़ी इत्मीनान से गौरी के टुकड़े किए। नाली में कपड़े ठूंसकर खून बाहर नहीं निकलने दिया। सबसे पहले फर्श साफ की। इसके बाद गौरी की लाश के टुकड़ों के साथ उसके कपड़े थैलों में भरकर फेंक आया। देर रात घर लौटा फिर गलत नाम से फेसबुक पर अपनी प्रोफाइल व अन्य फोटो हटाई और दोस्तों से नाता तोड़ने में जुटा रहा।
खुद से जुड़े साक्ष्य नष्ट करने के बाद हिमांशु ने गौरी के मोबाइल की छानबीन शुरू की। फोन बुक से उसके दोस्तों के नाम तलाशे, वॉट्सएप का रिकॉर्ड खंगाला और एसएमएस चेक करने के साथ उन्हें डिलीट भी किया।
एएसपी की मानें तो हिमांशु के कब्जे से बरामद गौरी के मोबाइल से तमाम रिकॉर्ड नदारद हैं। हालांकि उसके मोबाइल के स्क्रीन सेवर पर गौरी की फोटो मिली है।