लखनऊ पब्लिक स्कूल के हेल्पर की लापरवाही से शुक्रवार सुबह 30 बच्चों की जान संकट में फंस गई। दरअसल बच्चों को स्कूल लेकर जा रही बस को ड्राइवर के बजाय हेल्पर चला रहा था।
तेलीबाग रोड पर बस बेकाबू होकर फुटपाथ पर चढ़कर बिजली के खंबे से टकरा गई। हादसे के बाद तार से चिंगारियां निकलने लगीं और बच्चों में चीख-पुकार मच गई।
करंट की आशंका से ड्राइवर और हेल्पर बस से कूदकर भाग गए। आसपास के लोगों ने बच्चों को बस से सुरक्षित निकाला। वहीं स्कूल प्रबंधन व पुलिस ने बिना कोई कार्रवाई के मामला रफादफा कर दिया।
वृंदावन सेक्टर 9 स्थित एलपीएस स्कूल की बस (यूपी 32 सीजेड 8556) से ड्राइवर छोटू और हेल्पर पुनीत सुबह 8 बजे बच्चों को लेकर जा रहे थे। जानकारी के मुताबिक बस छोटू की जगह हेल्पर पुनीत चला रहा था।
रजनीखंड के पास अचानक चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। मौके पर मौजूद द्वारिकापुरी काॅलोनी निवासी आर्मी के रिटायर्ड हवलदार सुरेश चंद्र ने बताया कि बस लहराते हुए फुटपाथ पर चढ़ गई और बिजली के खंबे से टकरा गई।
हादसे में पास खड़ी दूसरी बस में भी टक्कर लग गई। इससे उसमें बैठा एक युवक घायल हो गया। बस में 30 बच्चे सवार थे। हादसे से दहशत में आए बच्चे रोने और चीखने लगे।
बिजली का खंभा दो टुकड़ों में टूट गया। खंभे का एक सिरा बस के गेट के सामने लटक गया। रिटायर्ड हवलदार ने बताया कि बिजली के तारों से चिंगारियां निकलती देख बच्चे पीछे की सीटों पर सिमट गए।
बस में करंट उतरने की आशंका से छोटू और पुनीत कूदकर भाग गए। तब तक मौके पर राहगीरों की भीड़ एकत्र हो चुकी थी। बच्चों को फंसा देख लोगों के होश उड़ गए। बच्चे जोर-जोर से चिल्ला रहे थे।
गेट के पास तारों से चिंगारी निकलते देख िकसी की भी हिम्मत बस के भीतर जाने की नहीं हुई। सुरेश चंद्र ने बताया कि भीड़ में मौजूद लोगों से फोन करवाकर खंभे से बिजली की सप्लाई बंद कराई।
इसके बाद इमरजेंसी गेट खोलकर किसी तरह उन्होंने एक-एक कर बच्चों को बाहर निकाला। इन बच्चों को पीछे आ रही स्कूल की ही दूसरी बस से भेजा गया। हादसे में कई बच्चों को चोट आई है।
हालांकि स्कूल प्रबंधन ने ड्राइवर और हेल्पर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की और न ही पुलिस को सूचना दी। उधर पुलिस ने भी मामले की जानकारी से इंकार किया है।