बंथरा के सहदुल्लानगर की कुसुमी रावत (35) को बृहस्पतिवार सुबह गांव के ही टुन्नी और उसके तीन दोस्तों ने मारपीट के बाद जिंदा जला दिया। जान बचाने के लिए कुसुमी कमरे से बाहर भागी तो फूस के छप्पर ने आग पकड़ ली। इस बीच आरोपी भाग निकले।
पुलिस कुसुमी के आत्महत्या करने की बात कहती रही। हालांकि, शाम को कुसुमी की बेटी रोशनी ने टुन्नी और उसके साथी लईक व दो अन्य लोगों पर मां की पिटाई करके आग लगाने और घर पर रखे 60,000 रुपये लूट ले जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है।
सीओ कृष्णानगर राजेश यादव का कहना है कि महिला अवैध शराब का धंधा करती थी। उसके पति राजू रावत की छह साल पहले मौत हो चुकी है।
वह सौतेली सास रघुराई और चार बच्चों रोशनी (11), अर्चना (8), सुचेता (7) व रामू (5) संग रहती थी। घटना के समय सभी बच्चे स्कूल गए थे। टुन्नी का उसके घर आना-जाना था।
शराब पीकर पीटता था
घटना के बाद पूछताछ करती पुलिस अधिकारी
- फोटो : amar ujala
रोशनी ने बताया कि टुन्नी अक्सर शराब के नशे में धुत होकर आता और मां के साथ गाली-गलौज व मारपीट करता। वह मां को शराब का धंधा बंद कराने और उसे जेल भिजवाने की बात कहकर धमकाता था।
इससे कुसुमी ने दूसरों के घर काम करना शुरू कर दिया था। बुधवार शाम को भी टुन्नी ने शराब पीकर मां संग मारपीट की थी।
चार दिन से भूखे थे महिला और उसके बच्चे
अर्चना ने बताया कि बीते चार दिन से घर में मारपीट और कलह हो रही थी। टुन्नी सुबह-शाम नशे में धुत होकर उसके घर पर ही पड़ा रहता और सबसे मारपीट करता।
सौतेली सास रघुराई गांव में ही एक परिचित के घर चली गई। इस दौरान बच्चे और कुसुमी भूखे रहे। बृहस्पतिवार सुबह भी कुसुमी का टुन्नी से झगड़ा हुआ और उसने बच्चों को भूखा स्कूल भेज दिया।
वापस घर आई तो झगड़ा शुरू हुआ और फिर...
महिला का घर
- फोटो : amar ujala
सौतेली सास रघुराई ने बताया कि सुबह करीब आठ बजे कुसुमी पास के खेत में पानी लगाने गई थी। टुन्नी ने उसे बुलवाया। कई बार बुलवाने के बाद वह घर गई तो झगड़ा शुरू हो गया। इसके बाद कुसुमी जलते हुए बाहर की तरफ भागते दिखी। कमरे के भीतर शराब के पाउच और अंडे पड़े मिले हैं।
रघुराई का कहना है कि शराब के नशे में धुत होकर टुन्नी ने उसे पीटा, फिर आग लगा दी। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है दोनों एक साथ खेत पर काम कर रहे थे और साथ ही घर लौटे।
शव रखकर किया प्रदर्शन
पोस्टमार्टम के बाद कुसुमी का शव मलिहाबाद के भोला गांव स्थित मायके ले जाया गया, जहां आक्रोशित परिवारीजनों और ग्रामीणों ने शव रखकर प्रदर्शन किया।
परिवारीजन चार बच्चों के लालन-पोषण के इंतजाम करने और मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया।