अमेठी के मोहनगंज थाना क्षेत्र में सरकारी तालाब में अवैध कब्जा हटवाने गए ग्राम प्रधान को कब्जेदारों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।
प्रधान का बेटा और मजदूर किसी तरह जान बचाकर भाग निकले। पुलिस की ढिलाई से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर रायबरेली-फैजाबाद राजमार्ग जाम कर दिया।
इस मामले में गांव के कोटेदार समेत पांच लोगों को नामजद किया गया है। दो को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मनरेगा के तहत काम करने को भेजा
पूरे उदवत मजरे उतरपारा गांव के सरकारी तालाब पर कुछ लोग कब्जा किए हुए हैं। ग्राम प्रधान रामपाल वर्मा (54) ने मनरेगा के तहत तालाब की खोदाई कराने के लिए श्रमिकों को भेजा। साथ में प्रधान का बेटा अशोक कुमार भी पहुंचा।
जब कब्जेदारों ने प्रधान के बेटे और श्रमिकों को खदेड़ दिया तो प्रधान खुद पहुंचे। इस बीच,कब्जेदारों ने लाठी,डंडे,सरिया और हॉकी से प्रधान पर ताबड़तोड़ हमला किया।
शोरगुल पर ग्रामीण पहुंचे तो हमलावर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल प्रधान की अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई।