हसनगंज की शिवनगर कॉलोनी में सोमवार देर रात निजी कंपनी के सेल्समैन जितेंद्र यादव (32) की घर पर ही बड़ी बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्यारे ने ईंट से ताबड़तोड़ हमला कर जितेंद्र के चेहरे को कुचल दिया।
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हत्यारे जाते समय बाहर से ताला लगा गए। जितेंद्र के दोनों मोबाइल फोन गायब हैं। पुलिस नाजायज संबंधों के एंगल से वारदात को खंगाल रही है। वारदात के वक्त जितेंद्र घर अकेले थे।
इंस्पेक्टर हसनगंज उदयवीर ने बताया कि जितेंद्र मूलरूप से पारा की बुद्धेश्वर कॉलोनी का रहने वाला था और पिछले दो साल से यहां पत्नी सविता और बेटी शगुन (4) के साथ किराए पर रह रहा था। वह लाटूश रोड स्थित वसुंधरा लक्ष्मी इंटरप्राइजेज में सेल्समैन था।
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तीन दिन पहले सविता बेटी को लेकर गोसाईंगंज स्थित मायके गई थी। सोमवार को सविता के ममेरे भाई निगोहां निवासी अजय सिंह की शादी थी। जितेंद्र को भी शादी में जाना था।
रात करीब साढ़े सात बजे अजय ने उसे फोन किया तो जितेंद्र ने सुल्तानपुर से आए कुछ लोगों के साथ होने की जानकारी दी। इसके बाद रात में सविता ने उसे फोन किया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।
पास ही पड़ी थी खून से सनी हुई ईंट
सुबह कई बार कॉल करने पर भी पति से संपर्क नहीं हुआ तो सविता ने ऑफिस फोन किया इस पर पता चला कि वह अभी आया ही नहीं है। इसके बाद कंपनी मालिक नवीन श्रीवास्तव ने जितेंद्र के सहकर्मी जमील को उसके घर भेजा। यहां जितेंद्र के कमरे के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा मिला।
उसकी बाइक बाहर ही खड़ी थी। ताले की एक चाबी जमील के पास भी थी। वह कमरे के भीतर पहुंचा तो जितेंद्र बेड पर लेटा था और चेहरे पर तकिये का कवर पड़ा था। उसने जितेंद्र को आवाज देते हुए कवर हटाया तो उसका चेहरा बुरी तरह से कुचला हुआ था। पास ही खून से सनी एक ईंट पड़ी थी।
पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र किए। परिवारीजनों ने किसी पर शक नहीं जताया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होगी।
खाली गिलास और नमकीन बता रहे दावत की कहानी
पुलिस को मेज पर दो खाली गिलास और नमकीन मिली। आशंका जताई जा रही है कि जितेंद्र और उसके साथ आए व्यक्ति ने शराब पी। हो सकता है कि शराब पीने के बाद झगड़ा हुआ और दूसरे व्यक्ति ने जितेंद्र की हत्या कर दी।
यह भी आशंका है कि जितेंद्र के साथ कमरे में दो या उससे अधिक लोग रहे हों। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुल्तानपुर से जितेंद्र से मिलने कौन आया था? उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई गई है।
करीबी का हाथ होने की आशंका
पुलिस ने बताया कि घर के दरवाजे पर बाहर से ताला लगा था। कमरे का पूरा सामान अपनी जगह पर था। यानी लूटपाट अथवा किसी खास चीज या कागजात की तलाश नहीं की गई। घर में प्रवेश के लिए मेन गेट के अलावा कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है।
पुलिस का मानना है कि जिसने भी हत्या की है, वह जितेंद्र के घर और उसके कमरे की परिस्थितियों से अच्छी तरह से वाकिफ था। हो सकता है कि हत्यारा जितेंद्र का करीबी ही हो। पुलिस को जितेंद्र की कंपनी के कर्मचारियों पर भी शक है। सभी कर्मचारियों की पड़ताल की जा रही है।
अजय सिंह ने बताया कि वसुंधरा लक्ष्मी इंटरप्राइजेज के मालिक अजय वर्मा व नवीन श्रीवास्तव ने ही करीब दो साल पहले जितेंद्र को मकान दिलाया था।
मकान के एक कमरे में कंपनी का स्टोर रूम भी है इसलिए इसकी एक चाबी कंपनी के ऑफिस में ही रहती है। एक चाबी जितेंद्र रखता है व दूसरी उसकी पत्नी के पास रहती है।
इलाके में हड़कंप, परिवार में कोहराम
जितेंद्र की हत्या की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। उसके घर के बाहर भीड़ एकत्र हो गई। सूचना पाकर आई सविता और बेटी शगुन बेसुध हो गईं। परिवारीजनों और पड़ोसियों ने उन्हें संभाला।