दुर्गेश को लोहिया अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने सिर में बुलेट फंसी होने की बात कहते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया।
किसी ओर की साझेदारी में कारोबार करने से था नाराज
इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार राय के मुताबिक, आशुतोष मूल रूप से देवरिया के सदर का रहने वाला है। आशुतोष के पिता जयप्रकाश जायसवाल पूर्व एमएलसी और मां कृष्णा देवी देवरिया की जिला पंचायत अध्यक्ष रही हैं। आशुतोष का आजमगढ़ में शराब का कारोबार है। वह गोमतीनगर विस्तार के अलकनंदा अपार्टमेंट में रह रहा था, उसकी सोनू घाट देवरिया के रहने वाले दुर्गेश तिवारी से दोस्ती थी।
दुर्गेश परिवार समेत दिल्ली के पंजाबी बाग में रहकर टाइल्स कारोबार करता था। वर्ष 2015 में दुर्गेश ने आशुतोष की साझेदारी में गोमतीनगर के विराज खंड में टाइल्स शोरूम खोला और गोमतीनगर विस्तार स्थित यमुना अपार्टमेंट में रहने लगा। आशुतोष ने कुबूला कि नोटबंदी के बाद टाइल्स कारोबार लड़खड़ाया और जीएसटी के बाद से स्थिति और बिगड़ने लगी। इस बीच दुर्गेश ने गोमतीनगर के गौतम रावत की साझेदारी में विभूति खंड थाने से 50 मीटर दूरी पर टाइल्स शोरूम खोल लिया। इसकी भनक लगने पर आशुतोष की दुर्गेश से झड़प हुई।
उसने शोरूम का माल नए शोरूम में ले जाकर बेचने का आरोप लगाते हुए हिसाब साफ करने और तीन करोड़ रुपये की मांग की। वह शनिवार शाम 4:45 बजे दुर्गेश के नए शोरूम पर पहुंचा। रकम के तगादे के साथ झगड़ा शुरू किया। शोरूम में मौजूद गौतम रावत से भी नोकझोंक हुई। इस बीच उसने दुर्गेश के सिर पर गोली मार दी। उसके खून से लथपथ होकर गिरते ही गौतम ने मदद के लिए शोर मचाया। आशुतोष ने उस पर भी गोली चला दी।
सिर में गोली लगने से गंभीर रूप से घायल दुर्गेश तिवारी को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराने के साथ पार्टनर गौतम रावत ने जानकारी दी कि दुर्गेश के पिता बजरंगी तिवारी की गुर्दे की बीमारी के चलते तीन महीने पहले मौत हुई थी। वह यमुना अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में अकेले रहकर टाइल्स कारोबार कर रहा था। दुर्गेश के मोबाइल से उसकी पत्नी व परिवारीजनों के नंबर मालूम करके कॉल की गई है।
हमलावर बोला, पिता से कोई नाता नहीं
हत्थे चढ़े आशुतोष जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस से पूर्व एमएलसी व विधानसभा प्रत्याशी रहे पिता जयप्रकाश जायसवाल के दूसरी शादी करने के बाद मां कृष्णा ने उनसे दूरी बना ली थी। खुद आशुतोष ने भी वर्ष 2013 में पिता से नाता तोड़ लिया था। आजमगढ़ में शराब व्यवसाय में मोटी कमाई के साथ उसने दुर्गेश की साझेदारी में टाइल्स कारोबार शुरू किया था।
सिपाही की मुस्तैदी पर इनाम
दुर्गेश को गोली मारकर भागते वक्त शराब व्यवसायी आशुतोष जायसवाल के पकड़ा गया और चालक संतराम एसयूवी लेकर भाग निकला। थाने की टीम लेकर मौके पर पहुंचे कांस्टेबल चालक दिनेश यादव ने एसयूवी लेकर एक आरोपी के भाग निकलने की बात सुनते ही हुसड़िया की तरफ तेजरफ्तार से जीप दौड़ाई और चौराहे पर एसयूवी को ओवरटेक करके रोक लिया। सीओ गोमती नगर दीपक कुमार सिंह ने कांस्टेबल दिनेश की मुस्तैदी की सराहना के साथ उसे पुरस्कृत किया।