लखनऊ के निगोहां थाने के गेट पर बृहस्पतिवार दोपहर पुलिस अभिरक्षा में शांतिभंग के आरोपी रामसजीवन (30) को बेकाबू रोडवेज बस ने रौंद दिया। रामसजीवन को सिपाही लवदीप एसडीएम मोहनलालगंज की कोर्ट में पेश करने ले जा रहा था।
सिपाही और रामसजीवन के पिता शिवदर्शन ने बस के चालक पर एफआईआर दर्ज करा दी है। रात को एसएसपी मंजिल सैनी निगोहां थाने पहुंची और मामले की जानकारी लेने के बाद सिपाही लवदीप को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्होंने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की बात भी कही।
पुलिस ने बताया कि दखिना शेखपुर निवासी रामसजीवन मजदूर था। बुधवार को पत्नी मिथिलेश से किसी बात को लेकर उसका झगड़ा हुआ। मिथिलेश ने थाना जाकर शिकायत की। पुलिस ने शांतिभंग में चालान करके रातभर उसे थाना में बैठाए रखा।
बृहस्पतिवार दोपहर सिपाही लवदीप उसे एसडीएम मोहनलालगंज की कोर्ट में पेश करने के लिए लेकर निकला था। थाना के बाहर खड़े होकर दोनों सवारी का इंतजार कर रहे थे, तभी रायबरेली से आ रही रोडवेज बस ने रामसजीवन को रौंद दिया।
रामसजीवन को सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर परिवारीजनों में रोना-पीटना मचा हुआ है।
उधर, एसएसपी ने बताया कि सिपाही की लापरवाही से ही रामसजीवन की मौत हुई है। उसे निलंबित कर दिया गया है। चूंकि, आरोपी पुलिस अभिरक्षा में था। इसलिए डीएम को घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के लिए पत्र लिखा जाएगा।