प्रभारी निरीक्षक सचिन कुमार सिंह ने बताया कि विमल यादव ने पुलिस को फोन करके पत्नी द्वारा खुदकुशी की सूचना दी। कहा कि मामूली नोकझोंक पर पत्नी प्रथम तल स्थित कमरे से अपनी सास कलावती के पास चली आई थी।
कुछ देर बाद वह अपने चाचा लाला यादव के घर चला गया। थोड़ी देर बाद जूली ने अपने कमरे में जाकर पिस्टल से कनपटी पर गोली मार ली। फायर की आवाज पर मां दौड़ी और वह भी पहुंचा। खून से लथपथ जूली को उठाकर अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
पिस्टल के बारे में सवाल पर बोला कि जूली उसे मायके से लाई होगी। पूछताछ के दौरान पहुंचे मायके वालों ने कहा कि जूली ने कभी पिस्टल को हाथ में नहीं लिया था। वह पिस्टल कॉक करके फायर नहीं कर सकती थी। सवाल शुरू होने पर विमल लड़खड़ाने लगा।
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर विमल यादव हत्या व अन्य संगीन धाराओं के मुकदमों में पहले भी जेल जा चुका है। उसके पिता वीरेंद्र यादव रोडवेज में कर्मचारी थे।
विमल ने 2009 में एक व्यक्ति की हत्या करके अपने पिता की हत्या का बदला लिया था। इसके बाद उसने कई वारदात अंजाम दीं।