लखनऊ के मोहनलालगंज में कक्षा आठ की छात्रा से दरिंदगी हुई। सोमवार शाम वह घर पर अकेली थी तभी मोबाइल का चार्जर मांगने के बहाने से पड़ोस में रहने वाला किशोर आ गया। उसने छात्रा के मुंह में कपड़ा ठूंसकर दुराचार किया।
खून से लहूलुहान छात्रा को छोड़कर वह भाग निकला। कुछ देर बाद घर पहुंची छात्रा की दादी ने उसका हाल देखा तो होश उड़ गए। पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया है। इंस्पेक्टर धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा ने बताया कि छात्रा गांव के स्कूल में पढ़ती है।
खिचड़ी के मौके पर उसके माता-पिता ननिहाल गए थे। घर पर वह और उसकी दादी ही थीं। शाम को दादी खेत की तरफ चली गईं, तभी पड़ोस में रहने वाला 16 वर्षीय किशोर वहां आ गया। उसने छात्रा से मोबाइल का चार्जर मांगा।
छात्रा ने घर पर किसी के न होने की बात कही, लेकिन वह नहीं माना और जबरन भीतर घुस आया। इसके बाद छात्रा का मुंह दबोचकर दरवाजा बंद कर लिया। छात्रा ने चीखने की कोशिश की तो किशोर ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंसकर दरिंदगी की।
पुलिस ने आरोपी को दबोचा
डेमो
- फोटो : डेमो पिक
बेसुध हालत में छात्रा को छोड़कर वह भाग निकला। शाम करीब सात बजे छात्रा की दादी घर आईं तो चेहरे पर पानी के छींटे मारकर उसे होश में लाया। छात्रा ने आपबीती सुनाई, लेकिन किसी परिवारीजन के न होने से रातभर इंतजार करती रहीं। मंगलवार सुबह छात्रा के माता-पिता घर आए तो पूरा मामला बताया।
उन्होंने पुलिस कंट्रोलरूम को फोन कर सूचना दी, जिसके बाद छात्रा को अस्पताल ले जाया गया। किशोर के खिलाफ रेप, पॉक्सो एक्ट व एससी-एसटी एक्ट के तहत नामजद एफआईआर दर्ज कराई। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
मासूम की हालत देखकर उसकी दादी रो पड़ीं। घर पर न कोई मददगार था न ही फोन। लोकलाज के चलते किसी को मदद के लिए पुकार भी नहीं सकीं। बेटे के लौटने का इंतजार करती सारी रात वह पोती को सीने से चिपकाकर बैठी रहीं।
सुबह जब परिवारीजनों ने छात्रा को आरोपी के घर ले जाकर घटना की जानकारी दी तो हड़कंप मच गया। आरोपी को उसके माता-पिता ने जमकर पीटा और घर से भगा दिया। उन्होंने छात्रा के माता-पिता व दादी से माफी मांगी। पुलिस आरोपी के घर पहुंची लेकिन वह नहीं मिला।
इसके बाद उसकी तलाश में रिश्तेदारों व करीबियों के घर पर दबिश दी गई। कुछ देर खोजबीन के बाद आरोपी को उसकी बुआ के घर से दबोच लिया गया। इंस्पेक्टर का कहना है कि आरोपी को किशोर न्यायालय में पेश कर राजकीय बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।