विभूतिखंड के वास्तुखंड निवासी रोली (19) ने पड़ोस में रहने वाले चचेरे भाई और भाभी के तानों से क्षुब्ध होकर आत्महत्या कर ली। बुधवार रात सुसाइड नोट में अपनी पीड़ा लिखकर रोली चुपचाप घर से निकली और कठौता झील में छलांग लगा दी।
बृहस्पतिवार सुबह परिवारीजनों को किचन से सुसाइड नोट मिला तो होश उड़ गए। खोजबीन करने पर कठौता झील में उसका शव उतराते मिला। झील के किनारे रोली का दुपट्टा और चप्पल पड़ी थी।
छात्रा के भाई कमलेश ने पड़ोस में रहने वाले चाचा शंकर लोध, उनके बेटे राकेश, बहू पुष्पा व छोटे बेटे महेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उसने बताया कि चचेरे भाई और उनके परिवारीजन बहन के चरित्र पर अंगुलियां उठाते थे। विभूतिखंड एसओ सत्येंद्र राय ने बताया कि पुष्पा और महेश को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।
होली की सुबह से रात तक किया झगड़ा-मारपीट
कमलेश ने बताया कि चाचा के परिवारीजनों ने बहन का जीना मुश्किल कर रखा था। वह घर से बाहर निकलती तो अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते। विरोध करने पर मारपीट शुरू कर देते। बीते तीन दिन से राकेश और महेश नशे में धुत होकर गाली-गलौज व मारपीट कर रहे थे। मंगलवार सुबह घर में घुसकर मारपीट भी की। बुधवार को भी पुष्पा और राकेश व महेश ने कई बार झगड़ा किया।
पुलिस ने समझौता कराया, घर आते ही फिर झगड़ पड़े
चचेरे भाइयों ने बुधवार शाम घर में घुसकर मारपीट की तो युवती की मां लीला ने मॉडर्न पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। हालांकि, पुलिस नहीं आई।
शाम करीब सात बजे मां और भाई के साथ पीड़ित रोली विभूतिखंड थाना पहुंची। यहां पुलिस ने शंकर, राकेश, महेश और पुष्पा को बुलाकर समझौता करा दिया। रात करीब दस बजे सभी थाना से लौटकर घर आए तो राकेश और महेश ने फिर से गाली-गलौज शुरू कर दी।
पुलिस से शिकायत करने पर उन्होंने रोली को धमकी भी दी। परिवारीजनों ने विभूतिखंड पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना था कि पुलिस ने जबरन समझौता करा दिया। अगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो रोली की जान बच जाती।