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लखनऊ में तीन घरों पर डकैतों का धावा, एक की हत्या

Sat, 12 Sep 2015 01:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके की योगीजीपुरम कॉलोनी में बृहस्पतिवार रात डकैतों ने तीन घरों में धावा बोल दिया। रात करीब एक बजे 20-22 बदमाशों ने एक युवक की हत्या कर करीब तीन लाख की संपत्ति लूट ली।
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पड़ोस में रहने वाले पिता-पुत्र ने अपने पालतू कुत्ते को लेकर डकैतों से मुकाबला किया। बदमाशों ने उन पर हमला किया लेकिन घायल होने के बावजूद डकैतों को खदेड़ने में वे कामयाब रहे।

घटनास्थल जानकीपुरम थाने से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन थाने की पुलिस करीब डेढ़ घंटे बाद वहां पहुंची। पुलिस का कहना है कि वारदात कच्छा बनियान गिरोह ने अंजाम दी है।
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डकैतों का कहर
व्यवसायी की गर्दन पर पैर रखा, पत्नी से गहने उतरवाए
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के मुताबिक रात करीब एक बजे करीब 15 डकैत दीवार फांदकर बिल्डिंग मैटीरियल व्यवसायी विजयपाल के घर में दाखिल हुए। बाकी बाहर खड़े थे। एक बदमाश ने सो रहे विजयपाल की गर्दन पर पैर रखा और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। विजयपाल की पत्नी रीता से करीब एक लाख रुपये के गहने व पांच हजार रुपये नकद लूट लिए।

पत्रकार के घर का दरवाजा चीरा, पड़ोसी ने शोर मचाया तो मार डाला

डकैतों ने व्यवसायी के घर से करीब 25 मीटर दूर पत्रकार अनुपम पांडेय के घर धावा बोला। मेन गेट के बजाय किनारे की दीवार से कूदे दस बदमाशों ने अनुपम के कमरे का दरवाजा चीरना शुरू किया।

कुछ बदमाश उनकी छत पर चढ़ गए। पड़ोस में छत पर सो रहे कपड़ा व्यवसायी अनिल वर्मा ने आहट सुन शोर मचाया तो बदमाशों ने लाठी से गला दबाकर उन्हें मार डाला।

पिता-पुत्र ने ललकारा, कुत्ता झपटा तो भागे बदमाश
बदमाशों का शिकार बने अनिल वर्मा की भाभी ने पड़ोस में रहने वाले भू-सुधार निगम में कार्यरत दिनेश भट्ट की पत्नी को फोन किया।

दिनेश ने अपने बेटे अमन व पालतू कुत्ते के साथ डंडा लेकर डकैतों को ललकारा। चार बदमाशों से पिता-पुत्र की भिड़ंत हुई। कुत्ते के झपटने पर बदमाश भागे।

इस बीच अनुपम के घर से 95 हजार रुपये, सोने की चेन, अंगूठी, लैपटॉप बटोर चुके बदमाश दीवार फांदकर कूदे। विजय के घर के बाहर निगरानी कर रहे चारों बदमाशों को टॉर्च से इशारा किया और पूरा गैंग नहर पटरी की तरफ भाग निकला।

तीन किमी. पहुंचने में पुलिस को लग गए दो घंटे

जानकीपुरम इलाके के योगीजीपुरम में डकैत कहर बरपाते रहे। कंट्रोल रूम, इलाकाई पुलिस को फोन होता रहा। लेकिन फोन नहीं उठा। आखिर एसएसपी ने फोन किया तब पुलिसकर्मी जागे। पुलिस को तीन किमी. पहुंचने में दो घंटे लग गए। तब तक डकैत जा चुके थे।

डकैत जब अनुपम पांडेय के कमरे का दरवाजा चीर रहे थे चार बदमाश उनकी छत पर चढ़ गए। पड़ोस की छत पर सो रहे कपड़ा व्यवसायी अनिल वर्मा की हत्या के बाद भी बेखौफ बदमाश उनके घर के जीने से उतरे और दोनों कमरे बाहर से बंद करके अनुपम के घर लौट आए।

इस बीच अनुपम पांडेय ने पहले पुलिस कंट्रोल रूम फोन किया। इलाकाई पुलिस अधिकारियों के नंबर मिलाए। नतीजा न निकलते देख रात ढाई बजे एसएसपी राजेश कुमार पांडेय को फोन किया। फोन कट जाने पर एसएसपी ने कॉल बैक की। डकैती का पता चलते ही उन्होंने मातहतों को फोन किया और खुद रवाना हुए।

...घर के बाहर खड़े बदमाशों को ललकारा।

शोर सुनकर जागे अनिल वर्मा के बड़े भाई संतोष ने बाहर से बंद कमरे का दरवाजा खोलने की कोशिश की। उसकी पत्नी नीतू वर्मा ने सामने के घर में रहने वाले दिनेश कुमार भट्ट की पत्नी मीना को कॉल की। भू-सुधार निगम में कार्यरत दिनेश अपने बेटे अमन व पालतू कुत्ते के साथ डंडा लेकर घर से निकले। अनुपम पांडेय के घर के बाहर खड़े बदमाशों को ललकारा।

चार बदमाशों से पिता-पुत्र की भिड़ंत हुई। कुत्ते के झपटने पर बदमाश भागे। इस बीच अनुपम के घर से बदमाश दीवार कूदकर निकले। विजय के घर के बाहर निगरानी कर रहे चारों बदमाशों को टार्च से इशारा किया और पूरा गैंग नहर पटरी की तरफ भाग निकला।

...तब पहुंची पुलिस
डकैतों के भाग निकलने के बाद दिनेश भट्ट ने अपने बेटे की मदद से संतोष के घर का दरवाजा खोला। कमरे में बंधक बने संतोष, उसकी पत्नी नीतू, मां नारंगी व पिता शंभूनाथ वर्मा को निकाला। इस बीच अनुपम पांडेय अपने घर से बाहर आए।

सभी लोग संतोष की छत पर पड़े अनिल को उठाकर अस्पताल ले जा रहे थे तो रास्ते में शुक्ला चौराहा पर मॉडर्न पुलिस कंट्रोल रूम की गाड़ी मिली। उससे अनिल को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ितों ने बताया कि सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद जानकीपुरम थाने के पुलिसकर्मी इलाके में पहुंचे और योगीनगर का पता पूछ रहे थे। थाने से सिर्फ तीन किमी दूर योगीनगर पहुंचने में पुलिस को दो घंटे लगे।
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छत पर बैठे नजारा देखते रहे पति-पत्नी

डकैतों ने सबसे पहले बिल्डिंग मैटीरियल व्यवसायी विजयपाल के घर धावा बोला। विजय व उसकी पत्नी रीता बताती है कि करीब 15 मिनट में वारदात अंजाम देने के बाद बदमाशों ने दोनों के मोबाइल छीने। छत पर जाकर पड़ोसी अरविंद सिंह के घर का जायजा लिया।

हिदायत दी कि शोर मचाया तो उन्हें दोनों बच्चियों मानवी (4) व डेढ़ वर्ष की यामिनी को मार डालेंगे। बोले कि मोबाइल उन्हें घर के बाहर मिल जाएंगे। विजय और रीता अपनी बेटियों को लेकर छत पर पहुंचे। घर के बाहर चार बदमाश नजर आने पर शोर मचाने की हिम्मत नहीं हुई। वहीं कुर्सी पर बैठे नजारा देखते रहे।

दंपती ने पुलिस को बताया कि डकैत बीड़ी सुलगाते हुए अनुपम पांडेय के घर के पास पहुंचे थे। इस दौरान दिनेश भट्टा का कुत्ता लगातार भौंके जा रहा था। करीब डेढ़ घंटे बाद शोर मचना शुरू हुआ।

कंधे पर चढ़कर कूदी दीवार
सिर्फ कच्छा पहने दो बदमाश दीवार के सहारे खड़े हुए और आठ-दस बदमाश उनकी पीठ से कंधे पर चढ़े और दीवार कूद गए। बेखौफ बदमाश चंद सेकेंड में अनुपम के मकान की छत पर थे। पड़ोस की छत पर सो रहे अनिल को उठने का मौका नहीं दिया। बदमाशों के हाथ में पेड़ से ताजे काटे डंडे थे। बातचीत का लहजा क्षेत्रीय था।
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