फैजाबाद। पुलिस के मंडल स्तरीय अधिकारी के दफ्तर में कार्यरत महिला कर्मी ने एक लिपिक पर लंबे समय तक का शारीरिक व मानसिक शोषण का आरोप लगाया है। महिला कर्मी का आरोप है कि दफ्तर में तैनाती के दौरान तीन साल तक वरिष्ठ लिपिक ने उसका जमकर शोषण किया। पति की मौत के बाद बेटी की मौत होने पर भी नहीं छोड़ा। विरोध करने व दफ्तर न आने पर उसे निलंबित तक करवा दिया। यही नहीं कुछ दिनों बाद वरिष्ठ लिपिक ने उसके घर में घुसकर छेड़खानी की। महिला कर्मी ने गुरुवार को मामले की शिकायत महिला आयोग समेत शासन व जिले के उच्चाधिकारियों से की। आईजी विजय प्रकाश ने शुक्रवार को मामले की जांच सीओ सिटी विक्रांतवीर को सौंपी है।
मालूम हो कि, एक महिला कर्मी 2013 में पुलिस के मंडल स्तरीय अधिकारी के कार्यालय में तैनात हुई थी। महिला का आरोप है कि उसी कार्यालय में तैनात एक वरिष्ठ लिपिक की नीयत उसके प्रति खराब हो गई। उसके बाद से आए दिन लिपिक द्वारा महिला का शारीरिक उत्पीड़न किया जाता रहा। विरोध करने पर वर्ष 2016 में महिला का ट्रांसफर अंबेडकरनगर करवा दिया गया। बाद में महिला ने छोटे बच्चों का हवाला देकर अपना ट्रांसफर पुन: फैजाबाद करवा लिया। शिकायती पत्र में उल्लेख है कि, इसी बीच महिला आरक्षी का पुत्र छत से गिर गया और वह बुरी तरह जख्मी हो गया। साथ ही वर्ष 2012 में पति की मौत के बाद जब 2014 में उसकी पुत्री की मौत हुई और वह सदमे में आकर बीमार हो गई। तब भी शोषण किया गया। दफ्तर न आने पर लिपिक ने बीते 16 सितंबर को उसे निलंबित करवा दिया। आरोप है कि इस बीच लिपिक महिला के घर तक पहुंच गया और अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा, विरोध करने पर अभद्रता की। अंतत: आजिज आकर महिला ने गुरुवार को आईजी से लेकर मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव गृह, महिला आयोग, पुलिस महानिदेशक तक पत्र भेजकर आरोपी लिपिक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मामला संज्ञान में आया है। डिप्टी एसपी विक्रांतवीर को जांच सौंपी गई है, दोषी पाए जाने पर लिपिक के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
विजय प्रकाश, आईजी, फैजाबाद मंडल