अंबेडकरनगर। हूबहू बाल विकास विभाग की जैसी फर्जी वेबसाइट बनाकर जालसाजों ने फर्जी ढंग से आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, टीचर समेत साढ़े तीन हजार पदों पर भर्ती के नाम पर करीब 50 लाख रुपये हड़प लिए। फर्जीवाड़े से बाल विकास विभाग में हड़कंप मचा है। जिम्मेदार अफसर ऐसी रिक्तियों से इन्कार कर रहे हैं। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है।
बीते कुछ दिनों से जिला मुख्यालय समेत अन्य नगरीय क्षेत्रों में स्थित साइबर कैफे पर लोगों की भीड़ दिख रही थी। पता चला कि बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी टीचर, आंगनबाड़ी वर्कर व आंगनबाड़ी सहायिका के लगभग साढ़े तीन हजार पद रिक्त हैं। जिनके लिए ऑनलाइन आवेदन किए जा रहे हैं। हूबहू सरकारी जैसी फर्जी वेबसाइट (www.cdeo.in) पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा रहा था। इसके लिए बाकायदा आवेदन शुल्क भी लिया जा रहा था। जिला मुख्यालय स्थित साइबर कैफे के संचालक राहुल ने बताया कि सामान्य व पिछड़ा वर्ग के लिए 300 रुपये, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लिए 200 रुपये फीस जमा कराई गई। 20 हजार से अधिक लोग अब तक आवेदन कर चुके हैं।
खास बात यह कि विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। जब कुछ लोगों ने तैनाती को लेकर बाल विकास विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों से संपर्क किया, तो जिम्मेदार अधिकारियों को जानकारी हुई। उन्होंने जब इस संबंध में पूछताछ की तो पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कोई भी रिक्तियां नहीं निकली हैं। यह वेबसाइट पूरी तरह फर्जी है।
शासन को भेजा गया है पत्र
बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर, वर्कर, टीचर व सहायिका के लिए जो ऑनलाइन आवेदन कराया जा रहा है, वह पूरी तरह फर्जी है। शासन स्तर पर ऐसी कोई भी रिक्तयां नहीं निकाली गई हैं। करीब 50 लाख के फर्जीवाड़ा की जानकारी शासन को पत्र के माध्यम से दी गई है।
- विनोद कुमार, प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी