दो तस्कर दबोचे, तीन भागे, 1583 कछुए बरामद
- एसटीएफ ने बंथरा इलाके में की धरपकड़
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। एसटीएफ ने शुक्रवार को तस्करी कर इटावा से ट्रक से लाए जा रहे 1583 कछुए बरामद कर दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। इन तस्करों के खिलाफ वन विभाग के अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कराया है। कार्रवाई के दौरान ट्रक में सवार तीन तस्कर भाग निकले। बांग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया आदि देशों में कछुओं की तस्करी की जाती है।
एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि जानकारी मिली थी कि पश्चिम बंगाल से कुछ तस्कर भारी मात्रा में कछुओं की तस्करी के लिए इटावा व आस-पास के क्षेत्रों में स्थानीय तस्करों के साथ मिलकर तैयारी कर रहे हैं। मा की सप्लाई करने लखनऊ होते हुए पश्चिम बंगाल (ट्रक नंबर: यूपी-84 एफ 9507) से जाने वाले है। इस सूचना पर एसटीएफ ने वन विभाग लखनऊ की टीम को साथ लेकर शुक्रवार को दिन में लगभग डेढ़ बजे बंथरा के पास से मोहनलालगंज को जाने वाली रोड पर चेकिंग की। लेकिन तस्करों को चेकिंग की जानकारी हो गई और चेकिंग स्थल से पहले ही ट्रक को रोक लिया। टीम ने पास जाकर देखा तो उसमें दो लोग बैठे मिले। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम नया गोपालगंज थाना बनगांव जनपद चौबीस परगना नार्थ, पश्चिम बंगाल निवासी सुशांतो सरकार और मेवाती टोला थाना कोतवाली जनपद इटावा निवासी सैफ अली बताया। दोनो ने बताया कि ट्रक में बैठे तीन अन्य तस्कर देवेंद्र, किशन व सोनू भाग निकले हैं।
मालूम हो कि भारत में कछुओं की पाई जाने वाली 29 प्रजातियों में 15 प्रजातियां उत्तर प्रदेश में पाई जाती है। इनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। यह अवैध व्यापार जीवित कछुए के मांस अथवा झिल्ली आदि को सुखा कर शक्तिवर्धक दवा के लिए किया जाता है। कछुओं को मुलायम कवच तथा कठोर कवच में वर्गीकृत किया जाता है। यमुना, चंबल, गंगा, गोमती, घाघरा, गंडक आदि नदियों, उनकी सहायक नदियों, तालाबों आदि में दोनोें प्रकार के कछुए बहुतायत में पाए जाते हैं।