राजधानी में एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कुछ दरिंदों ने पैसे के लालच में एक मासूम का बेरहमी से कत्ल कर डाला।
अपहरण और हत्या करने वाला कोई और नहीं, बल्कि एक ऐसा शख्स था जिसे वह अंकल कहा करता था। इस हैवान हत्यारे ने खुद बताया कि वह बच्चे की मासूमियत से डर गया और तभी उसकी हत्या की।
मामला राजधानी के ठाकुरगंज इलाके का है। लाई-चना का ठेला लगाने वाले मनोज कुमार गुप्ता का पांच वर्षीय शिवम दिन में वक्त गुजारने के लिए घर के सामने की ही संतोष सोनी की इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर बैठ जाता।
वहां वह खेलता और अपने संतोष अंकल से खूब बातें करता। एक दिन न जाने संतोष के दिमाग में क्या खुराफात सूझी कि उसने अपने भांजे सोनू और दोस्त अजय के साथ मिलकर शिवम के अपहरण की योजना तैयार कर डाली।
24 नवंबर की शाम शिवम दुकान से उठकर अपने घर जा ही रहा था कि सोनू ने बीच रास्ते से उसे उठा लिया। शिवम सोनू को पहचान गया और बोला, 'अंकल, मुझे कहां ले जा रहे हो। मेरी चप्पल गिर गई है।'
इस बात से सहमे सोनू ने अजय के साथ हत्या की साजिश रच डाली। मासूम शिवम का बेरहमी से गला दबाया और मारकर घैला पुला से गोमती में फेंक दिया।
खुद ही कुबूला अपना जुर्म
इसके बाद भी इन तीनों की पैसे की भूख नहीं मिटी। मनोज को फोन किया और बच्चे के बदले आठ लाख रुपये फिरौती की मांग की। इस दौरान, मनोज अपने गुमशुदा बेटे की रिपोर्ट थाने में दर्ज करा चुका था। पुलिस ने सर्विलांस लगाया तो तीनों हत्थे चढ़ गए और खुद ही अपना जुर्म कुबूल लिया।
फिलहाल, पुलिस इन तीनों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।