भाजपा से विधानसभा चुनाव लड़ने का टिकट दिलाने के नाम पर बिल्डर जगदत्त वर्मा से 40 लाख रुपये की ठगी का आरोपी लक्ष्मण जिस वक्त विकासनगर थाने के लॉकअप में बंद था।
उस समय तीन बैंकों में उसके खातों से 5.35 लाख रुपये निकाले गए थे। ठगी की रकम के बारे में पड़ताल में यह राज उजागर होने पर विवेचक ने जब सबूत जुटाने के साथ जालसाज के मध्यस्थ को नोटिस जारी किया तो हड़कंप मच गया।
दरअसल, रकम निकालने के दौरान मध्यस्थ लगातार एसओ के संपर्क में रहा था। इस घपले की भनक लगने पर डीआईजी ने जांच शुरू कर दी है।
अलीगंज के सेक्टर-7 में किराए के मकान में रहने वाले लक्ष्मण पंडित ने खुद को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का प्रचारक बताकर बिल्डर जगदत्त वर्मा से नजदीकी बनाई।
इसके बाद लखनऊ पूर्वी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट दिलाने के नाम पर 40 लाख रुपये झटक लिए। प्रत्याशियों की सूची जारी होने पर जगदत्त वर्मा ने तहकीकात की और जालसाजी का पता चलने पर पुलिस अफसरों से शिकायत की।
विकासनगर पुलिस ने 27 अगस्त को लक्ष्मण पंडित को उसके घर से गिरफ्तार करने के साथ बोरे में भरे 20 लाख रुपये भी बरामद किए।
पुलिस ने जगदत्त वर्मा की बाकी रकम सुरक्षित करने के लिए लक्ष्मण पंडित के बैंक खातों को सीज कराने व संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
लक्ष्मण पंडित के घर की तलाशी के दौरान 20 लाख रुपये के साथ तीन बैंकों के चेकबुक भी पुलिस के हाथ लगे थे। लक्ष्मण की गिरफ्तारी के साथ उसकी पत्नी शकुंतला परिचितों को साथ लेकर विकासनगर थाने पहुंची।
इस दौरान एक व्यक्ति ने खुद को एसओ का करीबी बताकर उससे संपर्क किया। इस मध्यस्थ ने लेनदेन की बात तय की और लॉकअप में बंद लक्ष्मण पंडित से चेकों पर दस्तखत भी करा लिए।
इसके बाद वह शकुंतला को साथ लेकर तीन बैंक शाखाओं में गया और लक्ष्मण पंडित के खाते सीज होने से पहले 5.35 लाख रुपये निकाल लिए गए। इस दौरान मध्यस्थ लगातार मोबाइल पर एसओ विकासनगर के संपर्क में भी रहा।
जगदत्त से 40 लाख की ठगी की तफ्तीश कर रहे एसएसआई धर्मेंद्र शुक्ला ने लक्ष्मण पंडित के बैंक खाते सीज कराने की कार्रवाई शुरू की तो पता चला कि 27 अगस्त को तीन बैंकों के खातों से चेक से 5.35 लाख रुपये निकाले गए थे।
जेल में बंद लक्ष्मण पंडित से तहकीकात के बाद उसकी पत्नी शकुंतला से पूछताछ की तो पंकज सिंह नामक एक व्यक्ति का नाम सामने आया। विवेचक ने उसे पूछताछ के लिए तलब करते हुए नोटिस जारी किया तो बात फैल गई।
लॉकअप में बंद जालसाज के खाते से 5.35 लाख निकाले जाने का मामला सीओ से लेकर एसएसपी तक की जानकारी में आ गया। इसके बाद डीआईजी रेंज को भनक लग गई।