लखनऊ/बाराबंकी। विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के निदेशकों से 65 लाख की वसूली के आरोपी दरोगा अनूप यादव को पुलिस ने मंगलवार को भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार के समक्ष पेश किया। वहां से उसे 16 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया। उधर, क्राइम ब्रांच की टीम ने फरार निलंबित सिपाही की तलाश में दबिश और महिला आरक्षी उसकी पत्नी से पूछताछ की। दोनों पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू हो गई।
सरकारी वकील नवीन त्रिपाठी ने बताया कि विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के शंकर गायन ने शनिवार को हजरतगंज कोतवाली में दर्ज कराई प्राथमिकी में बाराबंकी क्राइम ब्रांच के अनूप कुमार यादव व उसके साथियों पर 65 लाख की वसूली का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि अनूप ने कंपनी के प्रसनजीत सरदार, शंकर गायन और धीरज श्रीवास्तव को जांच के बहाने कंपनी से संबंधित दस्तावेज के साथ 10 जनवरी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बुलाया।
वहां से अपने आवास पर ले जाकर 65 लाख की मांग के साथ कंपनी बंद कराने की धमकी दी। उन्होंने डर के चलते 65 लाख दे दिए। इस पर अनूप ने अगले दिन 11 जनवरी को फिर बुलाया और जेल भेज दिया था।
क्षेत्राधिकारी अपराध दीपक कुमार सिंह ने बताया कि बाराबंकी साइबर सेल के पूर्व प्रभारी अनूप कुमार यादव से गहन पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया था। जालसाजी के मुकदमे की विवेचना के दौरान विश्वास ट्रेडिंग कंपनी के निदेशकों से वसूली में उसके सहयोगी रहे निलंबित आरक्षी अंकित भूषण की तलाश में दबिश दी जा रही है। पड़ताल में जुटे क्षेत्राधिकारी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने मंगलवार देर शाम बाराबंकी पुलिस कार्यालय में सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर राजेश यादव की मौजूदगी में अंकित की पत्नी महिला आरक्षी प्रीति से पूछताछ की। स्पेशल ब्रांच में तैनात प्रीति से अंकित के संभावित ठिकानों की जानकारी ली। चेताया कि फरार रहने पर सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।