शादी का झांसा देकर गौतम पल्ली क्षेत्र की तीन नाबालिग बहनों का आठ दिन तक दिल्ली के एक कमरे में यौन शोषण किया गया।
यौन शोषण करने वाले कोई और नहीं बल्कि छात्राओं के पिता के दोस्त के बेटे हैं। तीनों आरोपी रिश्ते में भाई हैं। रविवार देर रात पुलिस ने कैसरबाग बस अड्डे से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर छात्राओं को उनके चंगुल से मुक्त कराया।
पुलिस का कहना है कि छात्राओं के अपहरण की रिपोर्ट पिछले हफ्ते उसके पिता ने दर्ज कराई थी। इसके बाद जाल बिछाकर तीनों आरोपियों को दबोचा गया।
इंस्पेक्टर गौतमपल्ली सुरेश चंद्र ओमहरे के मुताबिक, पुलिस विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने बीते हफ्ते रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी एक बेटी व दो भतीजियों का अपहरण हो गया है।
इस मामले में उसने अपने एक परिचित के बेटे और उसके दो दोस्तों पर शक जताया था। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद कुछ लोगों के फोन सर्विलांस पर लिए। इसमें कॉल डिटेल और अन्य सूत्रों के आधार पर अपहरण करने वालों के खिलाफ पुख्ता सुबूत मिले।
साइबर सेल की मदद से पुलिस ने रविवार को कैसरबाग बस अड्डे से तीन युवकों को गिरफ्तार कर छात्राओं को मुक्त कराने में सफलता पाई। पुलिस के अनुसार राशिद (26) और आबिद उर्फ सदा (23) सगे भाई हैं, जबकि सुबुर (20) उनका चचेरा भाई है।
राशिद के पिता रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के पिता और छात्राओं के परिवारों में आपस में जान-पहचान भी है। तीनों युवकों ने छात्राओं को शादी का झांसा दिया और दिल्ली ले जाकर एक कमरे में बंद कर आठ दिन तक यौन शोषण किया।
जांच-पड़ताल के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को फोन कर बहाने से लखनऊ बुलाया और कैसरबाग बस अड्डे पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। छात्राओं का मेडिकल कराया जा रहा है जबकि अपहरण और यौन शोषण करने के आरोप में तीनों युवकों को जेल भेज दिया गया।