400 करोड़ की देनदार हेलो राइड कंपनी के संचालक का ट्रेडिंग बिजनेस का दांव
ठगी के आरोपी ने मुंबई में 1000 करोड़ की डील के नाम पर निवेशकों को लुभाया
कंपनी के वॉट्सएप ग्रुप पर कंपनी संचालक ने वॉयस मेसेज जारी कर किया दावा
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ। किराये पर बाइक चलाने के नाम पर लगभग 400 करोड़ ठगने का आरोपी हेलो राइड कंपनी का संचालक अभय कुमार कुशवाहा अब ट्रेडिंग के नाम पर निवेशकों को लुभा रहा है। हाल ही में उसने कंपनी के वॉट्सएप ग्रुप पर वॉयस मेसेज जारी कर दावा किया है कि जेल जाने से पहले उसने मुंबई में सहयोगी के साथ ट्रेडिंग में 1000 करोड़ रुपये की डील की है। उसने साथियों से इसमें लोगों का रुपया लगवाने को कहा है। उधर, ठगी के शिकार रुपये वापस पाने को विभूतिखंड थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।
अभय का दावा है कि उसने ट्रेडिंग का सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया है और उसे जल्द मार्केट में लॉन्च करेगा। उसने निवेश करने वालों को 20 महीने में आकर्षक रिटर्न देने के सब्जबाग दिखाए हैं। अभय का कहना है कि जेल जाने से पहले वह मुंबई गया और वहां ट्रेडिंग बिजनेस में निवेश किया। हालांकि, लखनऊ लौटते ही पुलिस ने उसे हेलो राइड कंपनी के नाम पर फर्जीवाड़ा और ठगने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जेल से बाहर आने के बाद अभय ने फिर से ट्रेडिंग बिजनेस में लोगों को फंसाने की चाल चली है। यह भी झांसा दिया कि वह लखनऊ की ट्रेडिंग कंपनियों से कहीं ज्यादा कमीशन देगा। उधर, सूत्रों का कहना है कि हेलो राइड से अभय पर 400 करोड़ की देनदारी है। इसे चुकाए बगैर दूसरी कंपनी शुरू कर वह लोगों से और रुपया जुटा रहा है, जो सवालों के घेरे में है। ठगी के शिकार भी इस पर आपत्ति जताते हुए कानूनी पहलू खंगाल रहे हैं।
900 बीघा जमीन पर प्रोजेक्ट, मात्र 118 बीघे की रजिस्ट्री
अभय ने रीयल एस्टेट के जरिये भी रकम ऐंठने की तैयारी की है। उसने कानपुर, लखनऊ और इलाहाबाद में अपनी रीयल एस्टेट कंपनी इनफिनिटी वर्ल्ड के करीब 900 बीघा के प्रोजेक्ट लॉन्च करने की जानकारी दी है। वहीं, सूत्र बताते हैं कि उसके पास तीनों जनपदों में मात्र 118 बीघे जमीन की ही रजिस्ट्री है। साथ ही लखनऊ के मोहनलालगंज, सुल्तानपुर रोड समेत अन्य इलाकों में इनफिनिटी वर्ल्ड के 550 बीघे में प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। हालांकि, कंपनी के नाम पर सिर्फ 70 बीघे के आसपास ही जमीन है। इलाहाबाद में कंपनी 150 बीघे में प्रोजेक्ट लॉन्च करने की तैयारी में है, जबकि यहां सात से आठ बीघा जमीन की रजिस्ट्री ही इसके नाम पर है। इसी तरह कानपुर में 200 बीघे का प्रोजेक्ट शुरू करने की बात कही है। हालांकि, वहां लगभग 40 बीघे जमीन की ही रजिस्ट्री है।
यह था मामला
मूलत: कौशांबी निवासी व लखनऊ के गोमतीनगर में रहने वाले अभय ने पांच साल पहले इनफिनिटी वर्ल्ड ग्रुप के नाम से रीयल एस्टेट कंपनी शुरू की। गंज के जॉपलिंग रोड स्थित सूरजदीप कॉम्प्लेक्स में ऑफिस खोलकर उसने जमीन व प्लॉट के नाम पर लोगों से रुपया वसूले और मोहनलालगंज, निगोहां समेत कई इलाकों में जमीनें खरीदीं। हालांकि, दो साल पहले रीयल एस्टेट के कारोबार में मंदी से उसकी हालत खराब हो गई। इसके बाद उसने चिट फंड की तर्ज पर मासिक आय योजना चलाई। इस पर भी विवाद हो गया। फिर अभय ने बाइक किराये पर चलाने के आइडिया पर काम शुरू किया। नौ जुलाई 2018 को उसने हेलो राइड कंपनी शुरू की। चेयरमैन अभय के अलावा उसकी खास सहयोगी नीलम वर्मा निदेशक थी। कंपनी ने विभूतिखंड के साइबर हाइट्स टॉवर में ऑफिस खोला। कॉरपोरेट ऑफिस नोएडा में था। अभय ने बाइक किराये पर चलवाने के नाम पर उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली समेत कई राज्य के लोगों से करोड़ों जमा कराए। कंपनी शुरू हुए नौ महीने भी पूरे नहीं हुए थे कि अभय का फर्जीवाड़ा खुल गया। उसने लोगों का रुपया हजम कर लिया। पीड़ितों ने अभय के खिलाफ केस करवाने शुरू किए। इस पर विभूतिखंड पुलिस ने उसे 12 मार्च की शाम गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाहर आने के बाद वह फिर से धंधे में जुट गया।
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नजर रखे है पुलिस
ठगी के आरोपी अभय के ट्रेडिंग बिजनेस शुरू करने की जानकारी मिली है। उस पर काफी देनदारियां हैं। ऐसे में निवेशकों का रुपया लौटाए बगैर उसे नया काम नहीं शुरू करना चाहिए। फिलहाल उसकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर है। कोई भी शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजीव द्विवेदी, विभूतिखंड इंस्पेक्टर