रोहतास व अंसल के अधिकारियों की धरपकड़ से सफेदपोशों की बेचैनी बढ़ी
कप्तान ने दिए निवेशकों को लूटने वालों पर सख्त कार्रवाई के आदेश
लखनऊ। रोहतास बिल्डर के चेयरमैन, दो निवेशक और वाइस प्रेसीडेंट पर गैंगस्टर एक्ट के साथ एक की गिरफ्तारी के बाद अंसल एपीआई के वाइस प्रेसीडेंट व स्टेट हेड के जेल जाने से सफेदपोशों की बेचैनी बढ़ी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्लॉट, फ्लैट, विला व अन्य लुभावनी योजनाओं के बहाने निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने वालों की सूची तैयार कराई है और बड़े घोटालेबाजों की धरपकड़ के आदेश दिए गए हैं।
निवेशकों के करोड़ों रुपये हड़पने के बाद भी आलीशान ऑफिस में बेखौफ बैठे बड़े बिल्डरों व सफेदपोशों पर कानून का शिकंजा कसने लगा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने सभी थाना प्रभारियों को कंपनी फ्राड व प्रॉपर्टी फ्राड के आरोपियों की धरपकड़ के आदेश दिए हैं। आरसंस, हैलो राइड के संचालकों पर कार्रवाई के बाद पुलिस ने रोहतास बिल्डर के चेयरमैन परेश रस्तोगी, निदेशक पंकज रस्तोगी, पीयूष रस्तोगी और वाइस प्रेसीडेंट नितिन भाटिया को गैंगेस्टर एक्ट में निरुद्ध करने के साथ सोमवार को नितिन भाटिया को गिरफ्तार किया। इसके बाद बृहस्पतिवार को अंसल एपीआई के वाइस प्रेसीडेंट हरीश गुल्ला और स्टेटहेड अरुण कुमार मिश्रा की गिरफ्तारी से हड़कंप मच गया। आलीशान ऑफिस में बैठकर निवेशकों को डराने-धमकाने वाले सफेदपोश अंडरग्राउंड होने लगे हैं और पुलिस उच्चाधिकारियों से लेकर राजनेताओं तक सिफारिश शुरू हुई है।
कलानिधि नैथानी ने बताया कि राजधानी के सैकड़ों लोग प्लॉट, फ्लैट, विला आदि के नाम पर लाखों की ठगी का शिकार बने हैं और बरसों से पुलिस के चक्कर काट रहे निवेशक अपनी डूबी रकम को लेकर परेशान थे। विभिन्न थानों में दर्जनों प्राथमिकी दर्ज होने के बाद भी रसूखदार लोगों की धरपकड़ न होने से लोग पुलिस पर अंगुली उठा रहे थे। ठगी का शिकार बने लोगों में फौजी, शिक्षक, लिपिक वर्ग के अनेक लोग शामिल हैं। जिन्होंने अपना आशियाना बनाने के लिए बिल्डर व कालोनाइजरों से संपर्क किया। एक ही जमीन की कई रजिस्ट्री और दूसरे की जमीन दिखाकर ठगी के दर्जनों मामले हैं।
कंछल के बेेटे पर गैंगेस्टर की तफ्तीश ठंडे बस्ते में
रोहतास व अंसल पर शिकंजा कसते देख कंछल ग्रुप की ठगी का शिकार बने निवेशकों ने अपने मुकदमों की ठोस पैरवी शुरू की है। चुनाव के दौरान अपराधियों के खिलाफ अभियान में हजरतगंज पुलिस ने व्यापारी नेता बनवारीलाल कंछल के बेटे अमित व उसके एक करीबी पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करके सफेदपोशों पर शिकंजा कसने का दावा किया था। इसके साथ दबाव बनने पर गैंगस्टर एक्ट की तफ्तीश ठंडे बस्ते में डाल दी गई। निवेशकों का कहना है कि पुलिस ने जिला मजिस्ट्रेट को भेजे गैंग चार्ट में पूरा ब्योरा नहीं दिया।