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केसीसी खाते में खपाया 14 करोड़ कालाधन

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उमरी बेगमगंज/गोंडा। नोटबंदी के दौरान कालाधन के माफिया ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर किसानों क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खातों में 14 करोड़ रुपये खपा डाले। काले धन से जुड़े सिंडिकेट ने किसानों के बंद पड़े केसीसी के एनपीए का नवीनीकरण कर उसमें ट्रांसफर कर दिया। फिर उसे अपने लोगों के खाते में उसी दिन ट्रांसफर कर निकाल भी लिया। मामला जब उजागर हुआ जब बैंक के केसीसी धारकों को ऋणमाफी का लाभ नहीं मिला। कर्जदार काश्तकारों ने जब सर्वयूपी ग्रामीण बैंक का बुधवार को घेराव किया तो बैंक अधिकारी इसे सॉफ्टवेयर में गड़बड़ी का नतीजा बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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जिले के तरबगंज तहसील क्षेत्र के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक उमरी बेगमगंज शाखा में क्षेत्र के करीब दो हजार किसानों के खाते हैं। घाटे में किसानी होने से तमाम खाते बंद (एनपीए) हो गये। नोटबंदी के दौरान अमीरों ने बैंक अफसरों से मिलीभगत कर केसीसी खातों में अपने काले धन को खपा कर उसे नये नोट में बदलवाने के लिए रकम को दूसरे खातों में एक दिन में ट्रांसफर करा लिया। धन कुबेरों व बैंक अधिकारियों के इस खेल पर आज तक पर्दा पड़ा रहा। क्षेत्र के किसान भी कर्ज न अदा कर पाने से परेशान होने की वजह से खाते पर गौर नहीं किया। लेकिन जब प्रदेश सरकार ने ऋण माफी योजना शुरू की तो किसानों को कर्ज से निजात पाने की कुछ उम्मीद जगी। लेकिन जब कोई लेखपाल व बैंक का अधिकारी उनके कर्ज के बारे कुछ पूछने नहीं गया तो किसानों को कर्जमाफी न मिलने की फिक्र सताने लगी। धीरे-धीरे किसानों ने बैंक व इधर-उधर विभागीय अधिकारियों से जानकारी लेनी शुरू की तो पता चला कि आप खातों का नवीनीकरण किया जा चुका है। इसमें नोटबंदी के दौरान भारी रकम का जमा निकासी हुई है। ऐसे में किसानों को ऋणमाफी योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। किसानों ने बुधवार को बैंक का घेराव किया। उनका कहना है कि 1582 किसान योगी सरकार की ऋणमाफी योजना से वंचित रह जाएंगे। इसके संबंध में राजेश सिंह, गोविंद शरण सिंह, शिवनारायण, उदयभान, जगदंबा, गुरचरण, अतिबल सिंह आदि किसानों ने शाखा प्रबंधक को प्रार्थना पत्र देकर कर्जमाफी के बारे में जानकारी मांगी है ।
केस एक
खाते से एक ही दिन में पांच लाख ट्रांसफर
क्षेत्र के पवित्र देव राज तिवारी का सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में केसीसी अकाउंट है। बैंक के अधिकारियों ने इनके केसीसी खाते में 31 दिसंबर को दो बार पांच लाख रुपये से अधिक रकम का ट्रांसफर किया। 31 दिसंबर को ही 2 लाख 52 हजार 904 रुपये दो बार खाते में किसी खाते से किसान के खाते में ट्रांसफर कर किसी के खाते में ट्रांसफर कर दिये गए।
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केस दो
क्षेत्र के अतिबल सिंह का सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में केसीसी अकाउंट है। बैंक अधिकारियों ने इनके खाते में नोट बंदी के दौरान 31 दिसंबर 2016 को दो बार 58 हजार 948 रुपये ट्रांसफर कर उसी दिन किसी तीसरे अकाउंट में फिर ट्रांसफर कर दिया गया। इस बात की जानकारी किसान को नहीं हो सकी।
केस तीन
क्षेत्र के राम कुमार सिंह का सर्व यूपी ग्रामीण बैंक उमरी में केसीसी खाता है। बैंक अधिकारियों ने 31 दिसंबर को किसान को बिना बताये किसान के एनपीए का रिन्यूवल कर उसके खाते में 33 हजार 481 रुपये दो-दो बार 33 हजार 481 किसी के खाते से ट्रांसफर कर उसी दिन किसी तीसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया गया। किसान को इसकी जानकारी भी नही दी गई।
सॉफ्टवेयर गड़बड़ी से ऐसा हुआ
किसानों के खाते में नोट बंदी के दौरान जो रकम आयी है वह तकनीकि गड़बड़ी से आयी है। इस मामले की रिपोर्ट डीएम व आरएम को भेजी गई है। वंचित किसानों के कर्जमाफी की प्रक्रिया की जांच करायी जाएगी जो पात्र होगा उसे मिलेगा।
-अभय सिंह, प्रबंधक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक उमरीबेगमगंज।
तकनीकी खराबी से एनपीए खातों में गया पैसा
उमरी बेगमगंज शाखा में तकनीकी खराबी से कर्जदार किसानों के खातों में धनराशि चली गई थी जिससे उनके सभी एनपीए खातों का रिनिवल हो गया।
-एस चोपड़ा, रीजनल मैनेजर, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक
सभी खाते सीज कराए गए
उमरीबेगमगंज के सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में एक साथ सभी केसीसी धारकों के खाते में पैसा कहां से आया और उनके बंद खाते पुन: कैसे चालू हो गए इसकी जांच करायी जाएगी। सभी किसानों के खाते सीज करवा दिए गए हैं और पूरा मामला शासन को संदर्भित कर दिया गया है। वैसे कर्जदार किसानों के ऋण माफ होंगे भले ही उनके खाते एनपीए क्यों न रहे हों, लेकिन एक साथ किसानों के खाते में पैसे कहां से आए इसकी जांच करायी जाएगी। -जेबी सिंह, डीएम गोंडा
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