गोर्साइंगंज इलाके में एक प्रॉपर्टी डीलर ने भाड़े के हत्यारों को डेढ़ लाख की सुपारी देकर अपने दोस्त शराब ठेके के सेल्समैन की हत्या कराई थी। वह एक महिला से अवैध संबंध में बाधक बना था। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार करके हत्याकांड का खुलासा किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि बाराबंकी के सतरिख थाने के तीरगांव के मजरा बाबू खेड़ा निवासी व शराब ठेके के सेल्समैन बनवारीलाल रावत की दीपावली की रात गोर्साइंगंज के फतेहपुर के पास हत्या करके कार पलटकर हादसे का रूप देने का प्रयास किया गया था। प्रभारी निरीक्षक अजय प्रकाश त्रिपाठी ने पड़ताल व सर्विलांस से साक्ष्य जुटाकर गांव बाबू खेड़ा के ही रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर सुरेश रावत, पड़ोस के गांव टिकरा में किराना दुकानदार मुलायम सिंह यादव, बासू खेड़ा के अजय रावत, सतरिख थाने के गांव शाहपुर निवासी कपड़ा व्यवसायी रिंकू उर्फ अजय यादव और गांव होलिया मऊ के फूलचंद्र रावत को गिरफ्तार किया है।
खुलासा हुआ कि प्रॉपर्टी डीलर सुरेश रावत और शराब ठेके के सेल्समैन बनवारीलाल के बीच गहरी दोस्ती थी। बनवारीलाल के किसी काम पर जाने के दौरान सुरेश उसकी जगह पर सेल्समैन का काम संभालता था, लेकिन एक महिला से अवैध संबंध में बनवारीलाल के बाधक बनने पर सुरेश ने मुलायम सिंह व रिंकू के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची और अजय रावत व फूलचंद्र को डेढ़ लाख की सुपारी दे दी। साजिश के तहत दीपावली की रात अन्य साथियों को लेकर तीरगांव स्थित शराब ठेके पर पहुंचा। बनवारीलाल को कार में बैठाकर गोसाईंगंज इलाके के कस्बा अमेठी ले गया। सभी ने साथ बैठकर शराब पी और लौटते समय गांव फतेहपुर के पास सुनसान स्थान पर कार रोकी। बनवारीलाल को धक्का देकर कार से गिराया। इसके बाद कार सड़क किनारे पलटी और शव को घसीटकर खेत में फेंक दिया।
थानाध्यक्ष अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि बनवारीलाल के देर रात तक घर न लौटने पर परिवारीजन तलाश करने निकले। सड़क किनारे कार पलटी देखकर आसपास ढूंढा तो खेत में बनवारी का शव पड़ा नजर आया। प्रथमदृष्ट्या हादसा लगा, लेकिन खेत में शव को घसीटने के निशान से मामला हत्या का नजर आया। पिता इंद्रपाल रावत ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।