उधर, विदेश में रहने वाले इशरत के बेटे बुधवार को आए तो उन्हें अर्चना का शव सुपुर्द किया गया। इस पर जब उन्होंने कहा कि यह इशरत का शव नहीं है तो हड़कंप मच गया। तुरंत गर्ग परिवार को फोन किया गया तो पता चला कि शव का अंतिम संस्कार कर प्रयागराज में अस्थियां तक विसर्जित कर दी हैं।
अजीबोगरीब स्थिति में फंसे अस्पताल प्रशासन ने गर्ग परिवार को बुलवाया तो उसने भी यह स्वीकार किया कि अर्चना का शव तो मर्च्युरी में ही है। सूर्यास्त के चलते परिवारीजन बृहस्पतिवार को शव नहीं ले गए। अब वे शुक्रवार को दाह संस्कार करेंगे। इंस्पेक्टर विभूतिखंड राजीव द्विवेदी का कहना है कि दोनों पक्षों में सुलह हो गई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।