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अर्चना की जगह इशरत के शव का कर दिया अंतिम संस्कार, बेटों ने किया हंगामा, यूं खुला पूरा मामला

Fri, 14 Feb 2020 05:06 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है कि एक परिवार अपनी मां को ही नहीं पहचान सका और उसकी जगह दूसरी महिला के शव का दाह संस्कार कर दिया। खास बात तो यह है कि महिला दूसरे समुदाय की थी। ऐसे में जब उसके परिवारीजनों ने अपनी मां का शव मांगा तो मामला सामने आया।
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उन्होंने लखनऊ के विभूतिखंड पुलिस से शिकायत भी की। बाद में धर्मगुरुओं के समझाने पर दोनों परिवार शांत हुए। गोमतीनगर के सहारा अस्पताल में भर्ती विवेक खंड निवासी जेके गर्ग की पत्नी अर्चना (70) को न्यूरो की समस्या था। उन्हें न्यूरो मेडिसिन विभाग की आईसीयू में भर्ती कराया गया था। 11 फरवरी को उनकी मौत हो गयी।

उसी दिन अलीगंज निवासी तकरी रजा की पत्नी इशरत मिर्जा (73) की भी मौत हुई थी। दोनों शव मर्च्युरी में रखवा दिए। अर्चना के परिवारीजन दोपहर को एक शव को अपनी मां की लाश समझकर ले गए। यह शव इशरत का था। सिर्फ इतना ही नहीं अगली सुबह अर्चना के परिवारीजनों ने शव का हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार भी कर दिया।
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तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर की जाएगी कार्रवाई

उधर, विदेश में रहने वाले इशरत के बेटे बुधवार को आए तो उन्हें अर्चना का शव सुपुर्द किया गया। इस पर जब उन्होंने कहा कि यह इशरत का शव नहीं है तो हड़कंप मच गया। तुरंत गर्ग परिवार को फोन किया गया तो पता चला कि शव का अंतिम संस्कार कर प्रयागराज में अस्थियां तक विसर्जित कर दी हैं।

अजीबोगरीब स्थिति में फंसे अस्पताल प्रशासन ने गर्ग परिवार को बुलवाया तो उसने भी यह स्वीकार किया कि अर्चना का शव तो मर्च्युरी में ही है। सूर्यास्त के चलते परिवारीजन बृहस्पतिवार को शव नहीं ले गए। अब वे शुक्रवार को दाह संस्कार करेंगे। इंस्पेक्टर विभूतिखंड राजीव द्विवेदी का कहना है कि दोनों पक्षों में सुलह हो गई है। तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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