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Lucknow News: बेसमेंट, दुकानों में चल रहे अस्पतालों पर कसेगी नकेल

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लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण शहर में बेसमेंट, दुकानों में खुले 100 से अधिक निजी अस्पतालों पर नकेल कसी जाएगी। मानकों के विपरीत चल रहे इन अस्पतालों में आग से निपटने के इंतजाम तक नहीं हैं। अमर उजाला ने खबर प्रकाशित कर इन अस्पतालों में लापरवाही की पोल खोली थी, जिसके बाद अब जिम्मेदारों की नींद टूटी है। स्वास्थ्य विभाग ने इन अस्पतालों पर नकेल कसने के लिए फायर विभाग को पत्र भेजा है। सभी अस्पतालों को पत्र भेजकर फायर सेफ्टी के मानक पूरे करने के निर्देश भी दिए हैं।
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बेसमेंट में अस्पताल खोलने के लाइसेंस स्वास्थ्य विभाग ने ही जारी किए थे। इन अस्पतालों में आपात स्थिति में मरीजों को निकालने की व्यवस्था नहीं है। प्रवेश द्वार भी एक है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के मुताबिक अस्पताल चलाने के लिए पंजीकरण और अग्निशमन विभाग की एनओसी जरूरी है, लेकिन बड़ी संख्या में अस्पताल इन मानकों को पूरा किए बिना ही चल रहे हैं। सबसे गंभीर स्थिति उन अस्पतालों की है, जहां बेसमेंट में इमरजेंसी व आईसीयू का संचालन हो रहा है। किसी हादसे की स्थिति में यहां भर्ती गंभीर मरीजों को सुरक्षित निकालना बेहद मुश्किल होगा। अफसर अब इन अस्पतालों पर नकेल कसने की बात कह रहे हैं।

इस तरह बरती जा रही लापरवाही
केस-1
फैजुल्लागंज बंधा मार्ग स्थित लोटस हॉस्पिटल का संचालन बेसमेंट में हो रहा है। अस्पताल में प्रवेश-निकास द्वार एक ही है। आरोप है कि फायर विभाग की एनओसी तक नहीं है। ऐसे में आग लगने पर मरीजों को बचाना मुश्किल होगा। इसी मार्ग पर हेल्थ प्लस व केएमसी अस्पताल भी बेसमेंट में चल रहे हैं। लोटस और केएमसी अस्पताल का संचालन महीनेभर पहले ही शुरू हुआ है।
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केस-2
दुबग्गा चौराहा स्थित देवम हॉस्पिटल बेसमेंट से लेकर तीन मंजिला बिल्डिंग में चल रहा है। तुलसी, काइंड समेत कई अस्पताल बेसमेंट और दुकानों में चल रहे हैं। इनमें प्रवेश और निकास मार्ग एक ही है। स्वास्थ्य विभाग ने लाइसेंस जारी करते वक्त इमारत का निरीक्षण तक नहीं किया।



यहां भी बेसमेंट में चल रहे अस्पताल
- ठाकुरगंज के दुबग्गा मार्ग पर 40-50 अस्पताल
- गुडंबा कुर्सी रोड पर 10-15 अस्पताल
- आईआईएम रोड पर 10-15 अस्पताल
- पारा इलाके में 10-15 अस्पताल
- पुराने लखनऊ के नक्खास में कई अस्पताल


कोट्स
बेसमेंट में खुले अस्पतालों पर सख्ती होगी। सभी निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी के मानक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। मानक पूरे न करने वाले अस्पतालों की जानकारी फायर विभाग को पत्र भेजकर दी गई है। विभाग जांच करके रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर इनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
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- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओ
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