लखनऊ। जनसमस्याओं व नफरत की राजनीति के विरोध में भाकपा माले ने बुधवार को पैदल मार्च निकालकर मंडलायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया। महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यकों पर बढ़ रहे हमलों पर रोक लगाने की मांग की गई। पदाधिकारियों ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन सौंपा। मंडलायुक्त ने मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया।
पार्टी की केंद्रीय कमिटी की सदस्य कृष्णा अधिकारी ने लोकगायिका नेहा सिंह राठौर और लविवि की सहायक प्रोफेसर डॉ. माद्री काकोटी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। राज्य स्थायी समिति के सदस्य विजय विद्रोही ने कहा, प्रदेश सांप्रदायिक हिंसा, प्रशासनिक दमन और आर्थिक असमानताओं का केंद्र बनता जा रहा है। भारतीय किसान मजदूर यूनियन दशहरी के नेता आकाश रावत ने कहा, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों के कर्ज के जाल में फंसे लोग आत्महत्या कर रहे हैं। जिला प्रभारी रमेश सिंह सेंगर ने खंतारी गांव में दलित महिलाओं पर पुलिसिया दमन की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने व दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।