यूपी में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या में कमी आने के कारण एक्टिव केस में 26 फीसदी की गिरावट आई है। दो सप्ताह पहले प्रदेश में 68235 एक्टिव केस थे। जो अब 50378 रह गए हैं। उधर बृहस्पतिवार को 4095 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज प्रदेश में सामने आए। जबकि 4444 लोगों को डिस्चार्ज किया गया।
प्रदेश में कोरोना वायरस नमूनों की जांच में एक करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में अब तक 346859 लोग संक्रमण के बाद पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में मरीजों का रिकवरी रेट बढक़र अब 86.04 प्रतिशत हो गया है। 5864 लोगों की मौत हो चुकी है।
बुधवार को 164787 नमूनों की जांच की गई। इस तरह अब तक प्रदेश में 10263709 नमूनों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश में होम आइसोलेशन में 24135 मरीज हैं। अब तक कुल 217005 लोगों ने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना था। इनमें से 192870 लोगों का आइसोलेशन का समय पूरा हो चुका है। इसके अलावा 3634 लोग निजी अस्पताल और सेमी पेड में 109 मरीज भर्ती हैं।
प्रदेश में सुधरी संचारी रोगों की स्थिति
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में संचारी रोगों की स्थिति में सुधार हुआ है। इस वर्ष के नौ माह के आंकड़ों को देखे तो मरीजों की संख्या में काफी कमी आई है। 01 जनवरी से 30 सितंबर तक आंकड़ों की तुलना करें तो बीते वर्ष एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम- एईएस के 1391 मामले सामने आए थे। जबकि 2020 में केवल 864 मामले सामने आए हैं।
इसी तरह एईएस से पिछले वर्ष 51 लोगों की मौत हुई थी। इस वर्ष केवल 25 लोगों की मौत हुई है। इसी तरह 2019 में जापानी इंसेफलाइटिस-जेई के 117 केस सामने आए थे। इस वर्ष 56 मामले सामने आए हैं। बीते वर्ष इस बीमारी से 06 मौतें हुई थी। जबकि इस वर्ष 03 मौत हुई हैं।
इसी तरह 2019 में डेंगू में 1442 केस और दो मौते हुई थी। इस वर्ष मात्र 212 मामले सामने आए हैं और 01 मौत हुई है। एच1एन1 के बीते वर्ष 2043 आए थे। इस वर्ष सिर्फ 252 मामले सामने आए हैं। बीते वर्ष एच1एन1 से 29 मरीजों की मौत हुई थी। जबकि इस वर्ष 12 की मौत हुई है। वहीं मलेरिया के 2019 में 15101 मामले सामने आए थे। इस वर्ष सिफ्र 4687 केस सामने आए हैं।