शहर की साफ-सफाई को लेकर हाईकोर्ट का सख्त रुख बरकरार है। अदालत ने सोमवार को सुनवाई के दौरान हलफनामा दाखिल न करने पर कड़ी नाराजगी जताई। कोर्ट ने अफसरों को दो दिन की मोहलत देते हुए हलफनामा दाखिल करने को कहा है। साथ ही ऐसा न करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इस दौरान नगर आयुक्त के साथ अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी ने कार्रवाई रिपोर्ट पेश की, अगली सुनवाई 22 को होगी। न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी व न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की खंडपीठ साफ-सफाई, आवारा जानवरों की समस्या, पॉलिथीन के इस्तेमाल पर रोक न लगने, शहर में डेयरियों के संचालन व नालों की सफाई के बाद निकाली गई सिल्ट को न हटाने के मुद्दे पर नाराजगी जता चुकी है।
अदालत ने इसके लिए नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण व आवास विकास परिषद के अधिकारियों को जरूरी कार्यवाही के निर्देश भी दिए थे। अदालत ने संबंधित कार्य से जुड़े अफसरों व कर्मचारियों व ठेकेदारों के हलफनामे दाखिल करने को कहा था।
इस हलफनामे में किए गए कार्य की रिपोर्ट देनी थी। कोर्ट ने यह भी कहा था कि हलफनामों की जांच कराई जाएगी और अगर यह पाया गया कि किसी ने गलत तथ्य दिए हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अदालत ने पूछा था कि शहर गंदा क्यों हैं
15 मई को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने शहर की सफाई को लेकर आदेशों पर अमल न होने को लेकर सख्त नाराजगी जताई थी। अदालत ने जिम्मेदारों से पूछा था कि आदेश के बाद भी शहर गंदा क्यों है? जबकि साफ-सफाई को लेकर बड़ी रकम खर्च की जा रही है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की थी कि शहर के हर क्षेत्र में कूड़ा व गंदगी दिखाई दे रही है, आवारा पशु घूम रहे हैं, प्रतिबंधित होने के बावजूद पॉलिथीन का इस्तेमाल हो रहा है, शहर में डेयरियों का संचालन हो रहा है और नालों की सफाई से निकलने वाले सिल्ट को सड़क पर ही छोड़ दिया जाता है। कोर्ट ने इन सभी बिंदुओं पर दिए गए आदेशों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की थी और कहा था कि इन सभी बिंदुओं पर संबंधित विभागों, अधिकारियों-कर्मचारियों व ठेकेदारों के हलफनामे दाखिल किए जाएं। इसके साथ ही कोर्ट ने साफ.-सफाई के लिए जिम्मेदार सुपरवाइजर, अधिकारी व कर्मचारी और विभिन्न एजेंसियों के ठेकेदारों की सूची भी तलब की थी। अदालत ने यहां तक कहा था कि शपथपत्र न देने वाले सुपरवाइजर, अधिकारी व कर्मचारी तथा ठेकेदार को मिलने वाली तनख्वाह व भुगतान पर रोक लगा दी जाए।