फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'पीजीआई आ सकते हैं कुशवाहा तो कोर्ट क्यों नहीं'

Fri, 01 Nov 2013 01:54 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन
करोड़ों रुपयों के लैकफेड घोटाले में आरोपी पूर्व मंत्री रंगनाथ मिश्रा, पीएनबी के प्रबंधक दीपक दुबे और गोविंद शरण श्रीवास्तव पर इस मामले में 18 नवंबर को आरोप तय किए जाएंगे।
विज्ञापन


वहीं, इस मामले के आरोपी तथा एनआरएचएम घोटाले में गाजियाबाद के डासना जेल में बंद पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा को कोर्ट में पेश न करने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने पीजीआई के निदेशक से 6 नवंबर को स्पष्टीकरण तलब किया है।

इसके पहले भ्रष्टाचार निवारण के विशेष न्यायाधीश वीके श्रीवास्तव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए लैकफेड घोटाले में जेल में बंद आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा 18 नवंबर तक बढ़ाते हुए रंगनाथ मिश्रा, गोविंद शरण श्रीवास्तव तथा दीपक दुबे पर आरोप तय करने के लिए अगली तारीख तय की।
विज्ञापन


पढ़ें-कुशवाहा को मिला डॉक्टरों का वरदान

इस बीच, कोर्ट ने पीजीआई के निदेशक को आदेश दिया कि वह 6 नवंबर को बाबू सिंह कुशवाहा के डिस्चार्ज के प्रपत्रों के साथ यह भी स्पष्टीकरण दें कि यदि कुशवाहा को गाजियाबाद से इलाज के लिए पीजीआई लाया जा सकता है तो क्या पीजीआई से कुछ किमी दूर स्थित कचहरी में नहीं लाया जा सकता।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी को इस कोर्ट में पेश करने के लिए कई बार वारंट जारी किया गया लेकिन जेल अधीक्षक ने उन्हें पेश नहीं किया।

बल्कि भ्रामक रिपोर्ट देकर बताया कि चिकित्सकों ने बाबू सिंह को तीन हफ्ते सिर्फ आराम की सलाह दी है। जबकि चिकित्सकों ने उन्हें तीन हफ्ते बाद फॉलोअप के लिए बुलाया था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें