हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने यूपी पुलिस में सिपाहियों की भर्ती में कथित धांधली मामले में राज्य सरकार को जवाब का आखिरी मौका दिया है।
पहले दो बार समय दिए जाने के बावजूद शुक्रवार को भी सरकार की तरफ पक्ष पेश नहीं किया जा सका। अदालत ने इसके लिए आखिरी मौका देकर अगली सुनवाई 15 अप्रैल को नियत की है।
कोर्ट ने सरकार से फिर पूछा है कि आखिर मुख्य परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशित करने में देरी क्यों की जा रही है?
जस्टिस देवेंद्र कुमार अरोड़ा ने शुक्रवार को यह आदेश 31 अभ्यर्थियों की लंबित याचिका पर दिया। इसमें चयन प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाकर इसे रद्द किए जाने की गुजारिश की गई है।