राहगीरों से सूचना पाकर पुलिस पहुंची और सभी को अस्पताल ले गई। उपचार के दौरान कृष्णा और प्रमिला ने दम तोड़ दिया। बच्चों का उपचार किया जा रहा है। हादसे में दोनों की मौत की सूचना पाकर परिजन लखनऊ पहुंचे और शवों का अंतिम संस्कार कराया।
भाई राजकुमार ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान कोई काम न होने की वजह से कृष्णा के पास रुपये नहीं बचे थे। उसके अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थे। मजदूर साथियों से चंदा करके 15000 रुपये एकत्र किए गए। इसके बाद देर शाम गुलाला घाट पर दोनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया।