आरबीआई हर साल नकली नोट पकड़े जाने पर महानगर थाने में करीब 10 से 11 मामले दर्ज कराता है। पर इसके बाद की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाती है। जालसाज सबसे अधिक 20 और 50 रुपये के छोटे नोट छापते हैं। क्योंकि इनकी पहचान मुश्किल होती है। बैंक की काउंटिंग मशीनें भी इन नकली नोटों को पकड़ने में नाकाम रहती हैं, जिससे आम लोगों को नुकसान होता है।
बीएनएस की धाराओं के सजा का प्रावधान
बीएनएस 180 - किसी व्यक्ति को यह पता हो कि उसके पास जाली नोट है, फिर भी वह उसे चलाता है तो पकड़े जाने पर उसे सात साल की कैद, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है।
बीएनएस 178- कोई जाली नोट छापता है या इस फर्जीवाड़े में शामिल होता है तो उसे दस साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। साथ ही भारी जुर्माना भी लग सकता है।
कब-कब हुई एफआईआर
| वर्ष |
एफआईआर |
| 2020 |
11 |
| 2021 |
10 |
| 2022 |
11 |
| 2023 |
10 |
| 2024 |
08 |
| 2025 |
10 |
| 2026 |
04 |
इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश मिश्र ने बताया कि पुलिस लगातार मामले की जांच करती है। नोट जांच के लिए फोरेंसिक लैब और प्रिंटिंग प्रेस भेजे भी जा रहे हैं। आरबीआई भी अपने सिस्टम के अनुरूप जांच कर रही है। जल्द इस फर्जीवाड़े के पीछे के लोगों को पकड़ा जाएगा।
ऐसे पहचानें असली नोट
- लाइट के पास नोट ले जाकर देखने पर उसके खाली सफेद हिस्से में महात्मा गांधी की धुंधली सी तस्वीर और उसका मूल्य साफ दिखे तो वह असली है।
- नोट के बाईं तरफ नीचे की ओर छपे छोटे से डिजाइन को रोशनी के सामने देखने पर नोट की कीमत साफ दिखे तो वह असली है।
- नोट को हल्का सा झुकाने पर धागे का रंग अगर नीला हो जाए तो वह असली है।
- असली नोट का कागज साधारण नहीं होता। महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तंभ का प्रतीक और गवर्नर के हस्ताक्षर थोड़े उभरे हुए होते हैं, जिन्हें हम छूकर महसूस कर सकते हैं।
- दृष्टिबाधित लोगों की मदद के लिए 100, 200 और 500 के नोटों के किनारे उभरी हुई तिरछी लाइनें बनी होती हैं।
अगर मिले नकली नोट तो यहां करें शिकायत
अगर आपको कोई नकली नोट दे या कहीं चलाते दिखे तो इसकी जानकारी तुरंत नजदीकी थाने में दें। फिर बैंक में या आरबीआई से शिकायत करें।