प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु सहायक अध्यापक भर्ती के लिए पहले चरण की काउंसलिंग 29, 30 और 31 अगस्त को होगी।
काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन मेरिट लिस्ट जल्द जारी की जाएगी। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया।
पहले चरण के बाद बचे हुए पदों के लिए फिर से काउंसलिंग कराई जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राइमरी स्कूलों में 72,825 प्रशिक्षु शिक्षकों की भर्ती टीईटी मेरिट पर की जानी है।
एनआईसी तैयार करेगा मेरिट
इसके लिए करीब 68 लाख आवेदन आए हैं। मेरिट नेशनल इन्फार्मेटिक सेंटर (एनआईसी) तैयार करेगा।
इसी मेरिट के आधार पर डायट प्राचार्य काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कराएंगे। सचिव बेसिक शिक्षा एचएल गुप्ता ने एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह को काउंसलिंग के दौरान प्रमाण पत्रों की जांच में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि खबर यह भी है कि यह शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर फंस सकती है। बताया जा रहा है कि टीईटी की खामियों के
चलते अब तक हजारों अभ्यर्थियों को सही प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका है।
मीटिंग में तय हुआ मेरिट का कार्यक्रम
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्राइमरी स्कूलों में टीईटी मेरिट पर
72,825 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अगस्त माह तक ही पूरी करनी थी। इसलिए राज्य सरकार चाहती
थी कि भर्ती के लिए काउंसलिंग जल्द शुरू कर ली जाए, ताकि सुप्रीम कोर्ट
में बताया जा सके कि जल्द ही भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
सचिव बेसिक शिक्षा ने इस संबंध में सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की और तैयारियों के बारे में जानकारी ली। इसमें
शिक्षा विभाग के साथ नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (एनआईसी) के अधिकारी भी
शामिल हुए। बैठक में सहमति बनने के बाद ही काउंसलिंग संबंधी आदेश जारी
किया गया।
भर्ती में फंसे रहे तमाम पेंच
गौरतलब है कि इसके पहले बेसिक शिक्षा विभाग ने जिलेवार आए आवेदनों
में गलती सुधारने के लिए अभ्यर्थियों से दो चरणों में पहले 7 जुलाई फिर 21
जुलाई तक प्रत्यावेदन मांगे थे।
विभागीय जानकारों की मानें तो 70
लाख से भी अधिक प्रत्यावेदन जिलों को प्राप्त हुए हैं। इतनी बड़ी संख्या
में आए प्रत्यावेदनों के आधार पर डायट प्राचार्यों को मूल प्रत्यावेदन ठीक
करने थे।
वहीं, प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए जिलेवार आए
प्रत्यावेदनों के आधार पर 12 अगस्त तक गल्तियां सुधारने के आदेश दिए गए
थे।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के
निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह ने इस संबंध में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण
संस्थान (डायट) के प्राचार्यों को निर्देश भी दिया था।