यूपी में कॉस्मेटिक लगाने से लेकर रेस्टोरेंट में खाना खाना हो या कीमती मोबाइल रखना अब महंगा पड़ेगा। राज्य सरकार ने इन पर आधा फीसदी अधिक अतिरिक्त कर लेने संबंधी अधिसूचना बृहस्पतिवार को जारी कर दी।
प्रमुख सचिव वाणिज्य कर बीरेश कुमार की ओर से जारी अधिसूचना के बाद दुकानदार अब वैट की अनुसूची पांच में शामिल उत्पादों पर आधा फीसदी अधिक अतिरिक्त कर लेंगे।
पहले जो सामान 100 रुपये का था उस पर 50 पैसे अधिक चुकाने होंगे।वाणिज्य कर विभाग ने इसके आधार पर उप्र. मूल्य संवर्धित कर अधिनियम (वैट) की अनुसूची पांच में शामिल उत्पादों पर 12.5 प्रतिशत वैट के साथ डेढ़ के स्थान पर दो प्रतिशत अतिरिक्त कर लेने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है।
विभाग ने आय बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था। तर्क दिया था कि वैट की अनुसूची पांच में शामिल वस्तुओं पर तमिलनाडु व आंध्र प्रदेश में दो प्रतिशत तथा गुजरात में ढाई प्रतिशत अतिरिक्त कर लेने की व्यवस्था है।
घर का लगभग हर सामान हो जाएगा महंगा
यूपी में अनुसूची पांच में शामिल सामानों सीमेंट, टायर, ट्यूब, ट्रैक्टर के टायर व ट्यूब तथा प्रोसेस्ट ऑर फ्रोजेन मीट, पोल्ट्री और फिश को छोड़कर अन्य सामान पर डेढ़ प्रतिशत की दर से अतिरिक्त कर लिया जा रहा था।
राज्य सरकार के इस निर्णय से अनुसूची पांच में शामिल सामानों पर आधा फीसदी अतिरिक्त कर लेने से वाणिज्य कर विभाग को सालाना 160 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिलेगा।
राज्य सरकार के इस निर्णय से रेस्टोरेंट में खाने-पीने या एयर कंडीशनर, 10,000 रुपये से ज्यादा के मोबाइल फोन, रेफ्रीजरेटर, वाशिंग मशीन, टेलीविजन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सौंदर्य प्रसाधन, 300 रुपये से अधिक के जूते-चप्पल तथा प्लाई से बने सामान, फर्नीचर, हार्डवेयर के सामान पहले की अपेक्षाकृत महंगे मिलेंगे।