इन्वेस्ट यूपी में सोलर कंपनी के प्रोजेक्ट को मंजूरी दिलाने के लिए कमीशन मांगने वाले बिचौलिए निकांत जैन की व्हाट्सएप और टेलीग्राम एप के जरिये हुई बातचीत का रिकॉर्ड एसआईटी कब्जे में लेगी। एसआईटी इसकी मदद से उस अधिकारी को चिह्नित करेगी जिसके इशारे पर निकांत ने उद्यमी से संपर्क साधा था। सोमवार को इस प्रकरण पर अदालत में सुनवाई होनी है, जिसमें लखनऊ पुलिस एसआईटी गठित होने की जानकारी दे सकती है।
बता दें, अदालत ने निकांत के मुकदमे की विवेचना कर रही गोमतीनगर पुलिस से उस अधिकारी का नाम बताने को कहा था, जिसके इशारे पर रिश्वत लेने का एफआईआर में जिक्र है। इसके बावजूद गोमतीनगर पुलिस की विवेचना सुस्त रफ्तार से चलती रही और अधिकारी का नाम सार्वजनिक नहीं किया।
वहीं, डीजीपी मुख्यालय ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन कर दिया है जिसके नेतृत्व में अब विवेचना पूरी की जाएगी। फिलहाल सबकी नजरें अब अदालत में दी जाने वाली जानकारी पर है जिसमें कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है। निकांत की गिरफ्तारी के बाद उसका मोबाइल कब्जे में ले लिया गया था, जिसे एसटीएफ खंगाल रही है।
इन्वेस्ट यूपी और पुलिस से विजिलेंस लेगा जानकारी
निलंबित आईएएस अभिषेक प्रकाश के खिलाफ जांच कर रहे विजिलेंस के एएसपी इन्वेस्ट यूपी से प्रोजेक्ट्स से जुड़े दस्तावेज और बैठकों का कार्यवृत्त हासिल कर उसे जांच में शामिल करेगा। इसके अलावा लखनऊ पुलिस से भी निकांत की कॉल डिटेल (सीडीआर) और मैसेज लिए जाएंगे, जिसके आधार पर जांच होगी।