नाम बदला और जारी कर दिया नियुक्ति पत्र
अमर उजाला के हाथ दो नियुक्ति पत्र लगे हैं। इसमें एक नियुक्ति पत्र 25 अगस्त 2008 को जारी हुआ। इसमें क्रम संख्या तीन, अनुक्रमांक एक्स आर 5035 लिखा है। अभ्यर्थी का नाम फुरकान खान, पता सिसेंडी लखनऊ, नियुक्ति स्थान सीएमओ सीतापुर के अधीन लिखा गया है।
79 के परीक्षा परिणाम में इनका विवरण मौजूद है। इसी तरह दूसरे नियुक्ति पत्र की 79 की सूची से मिलान किया गया तो विवरण नहीं मिला। नियुक्ति तिथि 20 सितंबर 2008 लिखा है। क्रम संख्या 67 पर अनुक्रमांक एक्सआर 5365 लिखा है। नाम पुष्पेंद्र सिंह, पता कंचनपुर जिला मैनपुरी नियुक्ति मुख्य चिकित्साधिकारी बलिया के अधीन लिखा है। लेकिन परीक्षा परिणाम वाली सूची में क्रम संख्या 67 पर नाम हरिमोहन, पता आगरा का दर्ज है।
जांच के दौरान आवास का पता मिला फर्जी
फर्जी भर्ती से जुड़े रैकेट में शामिल लोगों ने अभ्यार्थियों के पते गलत दिए हैं। विभागीय जानकार बताते हैं कि इसके पीछे भी पुख्ता रणनीति है। फर्जी पता देने से पकड़े जाने के बाद विभाग नोटिस भेजेगा तो यह स्वीकृत नहीं होगी। ऐसे में ये अभ्यर्थी बाद में नोटिस नहीं मिलने की बात कहते हुए कोर्ट चले जाते हैं।
विभाग लचर रवैया अपनाता है और पुख्ता सबूत नहीं रख पाता। ऐसे में उन्हें राहत मिल जाती है। 2008 के प्रकरण में अब तक की गई पड़ताल में यह बात सामने आई है कि अभ्यर्थी जहां का पता लिखते हैं, वहीं का फर्जी प्रूफ भी तैयार कर लेते हैं। कन्नौज के सीएचसी तालग्राम में कार्यरत मनोज का पता फिरोजाबाद के शिकोहाबाद का लिखा है, जबकि वह कन्नौज के जलालाबाद क्षेत्र के अटारा का रहने वाला है।
इनका भी पता निकला फर्जी
बदायूं के सीएचसी उसवा में कार्यरत सुधीर का पता धुमरी सिद्धपुर रोड एटा लिखा है, जबकि वह एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र के लड़सिया उर्फ लुतफुल्लापुर का निवासी है। चंदौली के सीएचसी चकिया में कार्यरत विनोद का पता एटा जिले के जलालापुर रामनगर लिखा है, जबकि वह एटा जिले के अलीगंज के जैथरा निवासी है। इसी तरह अन्य के निवास प्रमाण पत्र में भी हेराफेरी की गई है।