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कोरोना की कुंडली बनाने में जुटे विशेषज्ञ, कम्युनिटी मेडिसिन विभाग में पड़ताल शुरू

Wed, 18 Mar 2020 04:28 PM IST
ishwar ashish चंद्रभान यादव/अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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CoronaVirus Latest Updates In Hindi: देशभर में कोरोना वायरस को लेकर मंथन शुरू हो गया है। इसकी प्रकृति जानने को नए सिरे से डाटा जुटाया जा रहा है। कोरोना की प्रकृति के प्रभाव का मूल्यांकन होगा। इसके लिए पॉजिटिव के साथ निगेटिव आने वाले मरीजों का भी डाटा जमा किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ के सहयोग से केजीएमयू का कम्युनिटी मेडिसिन विभाग भी अध्ययन में जुटा है।

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कोरोना के मरीज मिलने का सिलसिला लगातार बना है। प्रदेश में अभी तक 13 पॉजीटिव मरीज मिले हैं। इनमें दो को केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा केजीएमयू की लैब में 600 सैंपल की जांच की जा चुकी है। अब यहां होने वाली जांच रिपोर्ट और चिकित्सा केंद्रों पर आने वाले संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

केजीएमयू की ओपीडी और कम्यूनिटी सेंटरों पर आने वाले सर्दी-जुकाम के मरीजों का भी डाटा लिया जा रहा है। पॉजिटिव आए मरीजों के आस-पास रहने वालों के डाटा पर खास तौर से फोकस है। यह जिम्मेदारी केजीएमयू के कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग को सौंपी गई है।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन के सहयोग से विभाग की एक यूनिट कोरोना के संदिग्ध मरीजों और सर्दी-जुकाम के मरीजों का डाटा तैयार कर रही है। इसके आधार पर कोरोना का मूल्यांकन होगा। इससे वायरस के फैलने की स्थितियां भी जांची जा सकेंगी। वहीं, इसकी भी जानकारी मिल सकेगी कि यह वायरस आने के बाद किस तरह से बढ़ा।

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हर स्तर पर होगी पड़ताल

सूत्रों का कहना है कि कोविड 19 पहली बार आया है, ऐसे में इस पर कई स्तर पर अध्ययन होगा। इसकी प्रकृति, असर की स्थिति, फैलाव आदि पर विस्तृत अध्ययन हो रहे हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की ओर से भी इस पर शोध शुरू कर दिया गया है। ऐसे में डब्ल्यूएचओ के सहयोग से कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग डाटा इकट्ठा करने में लगा है।

जमा कर रहे हैं आंकड़ा
कोराना के बारे में ज्यादातर जानकारी पर्दे के पीछे हैं। अभी इसका अंदाजा पुराने वायरस के आधार पर लगाया जा रहा है। इस तरह के वायरस का अटैक दोबारा होने की संभावना रहती है। ऐसे में इससे जुड़े हर तरह के डाटा को जमा किया जा रहा है। डब्ल्यूएचओ के निर्देश पर कोरोना के पॉजिटिव ही नहीं निगेटिव मरीजों, इनके संपर्क में आने वालों और कोरोना की चर्चाओं के बीच उनसे जुड़े लक्षणों के मरीजों का डाटा लिया जा रहा है। यह भविष्य में बड़े स्तर पर होने वाले शोध में कारगर होगा। - प्रो. शीतला प्रसाद, कम्यूनिटी मेडिसिन विभाग, केजीएमयू
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