वैश्विक महामारी कोविड-19 से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पहुंची चोट का आकलन तो हालात सामान्य होने के बाद हो सकेगा। लेकिन, 20 से अधिक मरीजों वाले सूबे के 18 संवेदनशील जिलों में से ज्यादातर आर्थिक रूप से ताकतवर व कमाई के लिहाज से अव्वल हैं।
ये सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 41 फीसदी से ज्यादा का योगदान देते हैं। जाहिर है कि इन जिलों में स्थिति सामान्य होने तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना आसान नहीं होगा।
प्रदेश सरकार ने इसी वर्ष जनवरी-फरवरी में वर्ष 2018-19 के प्रचलित भावों पर राज्य की अर्थव्यवस्था का अनंतिम आकलन कराया है, जिसमें प्रदेश की जीएसडीपी 16,68,229.24 करोड़ आंकी गई है। इसमें कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित लखनऊ, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर नगर, बुलंदशहर, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, फिरोजाबाद, अमरोहा, शामली, रायबरेली, सीतापुर, संभाल, औरैया और बस्ती का प्रदेश की अर्थव्यवस्था में 700033.02 करोड़ रुपये की साझी हिस्सेदारी है।
यह राज्य की अर्थव्यवस्था का 42 फीसदी से भी ज्यादा है। कानपुर में नगर व देहात दोनों जिले शामिल हैं, क्योंकि देहात के औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कारोबारी व कर्मचारी नगर हैं।