कोविड-19 से बचाव के लिए प्रदेश में पहले चरण में करीब 16 लाख फ्रंटलाइन वर्कर को टीका लगाया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से इन फ्रंटलाइन वर्कर का ब्योरा केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। इनमें लगभग 9 लाख स्वास्थ्यकर्मी हैं जबकि बाकी छह लाख में सुरक्षाकर्मी, होम गार्ड और नागरिक सुरक्षा संगठन, आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक, खाद्य एवं रसद विभाग, आवश्यक सेवाओं व निकायों के कर्मचारी आदि शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक जल्द ही वैक्सीन आने की संभावना को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य सरकार ने उन फ्रंटलाइन वर्करों का ब्योरा मांगा है जिन्हें प्राथमिकता पर टीका लगाया जाना है। राज्य सरकार की ओर से लगभग 16 लाख फ्रंटवर्करों की सूची भेजी गई है।
इसमें डॉक्टर से लेकर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संवर्ग के सभी अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। सरकारी सेवा के साथ-साथ कोरोना के खिलाफ जंग में शामिल संविदा व ठेका कर्मचारियों को भी पहले चरण में ही टीका लगाया जाएगा। कोविड अस्पताल के रूप में पंजीकृत निजी अस्पतालों के स्टाफ भी पहले चरण के टीकाकरण में शामिल होंगे।
इसके अलावा सशस्त्र बल, पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा संगठन, आपदा प्रबंधन से जुड़े लोगों, निकायकर्मियों व कोविड-19 के नियंत्रण से जुड़े अन्य लोगों का भी पहले ही चरण में टीकाकरण कराने की तैयारी है। शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने केंद्र को टीकाकरण के लिए 16 लाख फ्रंटलाइन वर्करों की सूची भेजे जाने की पुष्टि की है।