बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्र ने अपनी सांसद निधि से एक करोड़ रुपये कोरोना महामारी से बचाव के लिए देने का एलान किया है।उन्होंने राज्यसभा की सांसद क्षेत्र विकास निधि कमेटी के चेयरमैन को पत्र लिखकर यह जानकारी दे दी है। वहीं, प्रदेश के वक्फ राज्यमंत्री मोहसिन रजा ने कोरोना से बचाव के लिए अपनी विधायक निधि से 50 लाख रुपये दिए हैं। यह राशि अमेठी और उन्नाव में बराबर-बराबर खर्च की जाएगी। इस बाबत उन्होंने पत्र जारी कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने शासकीय कार्य करने वाली बैंक शाखाओं और कोषागारों में 2 अप्रैल को रामनवमी का सार्वजनिक अवकाश रद्द कर दिया है। प्रमुख सचिव, सामान्य प्रशासन जितेंद्र कुमार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि किसानों और गरीबों के खातों में डीबीटी के माध्यम से रकम भेजी जानी है। इसलिए 2 अप्रैल को शासकीय कार्य करने वाली बैंक शाखाएं सामान्य दिनों की तरह खुली रहेंगी। इसी तरह उस दिन कोषागार भी खुले रखने का आदेश दिया गया है।
कोरोना वायरस के चलते सरकार द्वारा लॉकडाउन कराने के बावजूद भी कुछ लोग रुक नहीं रहें हैं। लॉकडाउन का पालन कराने को लेकर सोमवार को लिसाड़ी गेट की तारापुरी में मारपीट और पथराव हो गया। जिसमें छह लोग घायल हो गए। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
मेरठ के लिए फिर से एक बुरी खबर आई है। शहर में कोरोना के छह नए मरीज मिलने से लोगों में दहशत बढ़ती जा रही है। उधर, स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है। जनपद में अब तक कोरोना के मरीजों की कुल संख्या 19 हो गई है। मेरठ में आज यानी सोमवार को 35 लोगों की जांच हुई है। जिनमें से अभी तक छह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। शहर में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या से लोगों में दहशत पैदा होने लगी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस- प्रशासन उन लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। जो इन मरीजों के संपर्क रहे हैं।
मेरठ में ऐसे फैला कोरोना
अधिकारियों का कहना है कि खुर्जा के रहने वाले शख्स के महाराष्ट्र से आकर मेरठ में रहने के दौरान यह वायरस फैला है। सभी पॉजिटिव मरीजों को अलग वार्ड में भर्ती कर दिया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार आठ लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि होने के बाद जिन- जिन इलाकों के ये मरीज रहे हैं। उन्हें धीरे- धीरे सील किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौतमबुद्धनगर के जिलाधिकारी को जमकर फटकार लगाई है। सीएम योगी कोरोना वायरस को लेकर की गई तैयारियों से नाराज थे। वहीं, नोएडा डीएम ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा है और तीन महीने की छुट्टी मांगी है। मुख्यंमत्री ने जिलाधिकारी से कहा कि आप काम कम करते हो, बात ज्यादा करते हो, इसी तरह सीएमओ को भी लताड़ लगाई, उनसे कहा कि तुम तो कुछ काम ही नहीं करते हो। सीएम योगी नोएडा की व्यवस्था से खासे नाराज हैं।
यूपी के प्रधान स्वास्थ्य सचिव एएम प्रसाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 88 नमूनों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। 14 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। गौतमबुद्धनगर में अधिकतम 36 मामले सामने आए हैं। जबकि मेरठ में 13 मरीज सामने आए हैं।
नोएडा में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लेते हुए सोमवार को यहां का दौरा किया। वह विशेष विमान से सोमवार दोपहर करीब दो बजे हिंडन एयरपोर्ट पहुंचे, और वहां से हेलिकॉप्टर से गौतमबुद्ध यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां सीएम योगी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे हैं।जीबीयू में चल रही बैठक में डीएम बीएन सिंह, कमिश्नर आलोक सिंह, नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी, ग्रेटर नोएडा ओर यमुना अथॉरिटी के सीईओ मौजूद हैं।
नोएडा में अब तक 32 पॉजिटिव केस सामने आ चुके हैं जो प्रदेशभर में सबसे ज्यादा हैं। मुख्यमंत्री मंगलवार को मेरठ, गाजियाबाद और आगरा जाएंगे। प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे को पहले ही नोएडा भेज दिया गया था।
आगरा में कॉलेज संचालक के बेटे में कोरोना वायरस का संक्रमण मिलने के बाद उनके घर को ही क्वारंटीन सेंटर बना दिया गया है। इसमें सभी परिजन 14 दिन तक रहेंगे। इनके नमूनों की भी जांच कराई जाएगी। उधर, मरीज का इलाज एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज के घर को सैनिटाइज कर बाहर से बंद कर दिया है। घर के आसपास भी टीम ने सैनिटाइज किया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की जांच के लिए स्वास्थ्य सर्वे भी किया जाएगा। लोगों से बाहर न निकलने की अपील की गई है।
राजधानी लखनऊ में 10 दिन बाद कोरोना का एक नया मामला आया है। कनाडा से आनी वाली एक महिला डॉक्टर की सास की रिपोर्ट पहले निगेटिव आई थी पर सोमवार को पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। इसके पहले लखनऊ वासियों के लिए रविवार का दिन भी राहत भरा रहा। यहां नौवें दिन भी कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला था।
उत्तर प्रदेश के मुख्मंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार यानी 31 मार्च को मेरठ आ सकते हैं। सीएम योगी के आगमन को लेकर मेरठ पुलिस प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों को मौखिक रूप से मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सूचना दी गई है। मेरठ में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात है। बेवजह सड़कों पर निकलने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है।
मेरठ में कोरोना के पाॅजिटिव मामलों की संख्या 13 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम और प्रशासन ने शहर के लिसाड़ीगेट क्षेत्र में एक कोरोना वायरस का संदिग्ध मिलने के बाद यहां कई इलाकों को सील कर दिया है। बताया गया कि लिसाड़ीगेट में एक व्यक्ति में कोरोना के लक्षण मिले हैं। जिसकी हालत गंभीर बताई गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम उसे लेकर मेडिकल गई, जहां उसे मेडिकल के आइसोलशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। इसी क्षेत्र से एक और कोरोना संदिग्ध व्यक्ति को आाइसोलेशन में भर्ती कराया गया है।
उत्तर प्रदेश के शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने अलीगढ़ जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से सोमवार को कहा है कि बाहर से जिले में आ रहे लोगों की ठीक से चेकिंग जरूरी है। यह भी ख्याल रखा जाए कि किसी भी आदमी को खाने-पीने की दिक्कत ना हो।
गोरखपुर समेत आसपास के जिलों से अब तक 24 लोगों के कोरोना वायरस की जांच के लिए नमूने बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आरएमआरसी सेंटर में आ चुके हैं। इनमें 20 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। शेष चार लोगों की रिपोर्ट सोमवार को मिलने की उम्मीद है। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
लॉकडाउन के बीच दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फंसे हुए लोग परिवहन निगम की बसों से तीसरे दिन सोमवार को भी लोग गोरखपुर पहुंचे। यात्रियों की तुलना में बसें कम होने से रेलवे बस स्टेशन पर अफरा-तफरी रही। बड़ी संख्या में लोग ट्रकों से आए हुए थे। इस दौरान सामाजिक दूरी का फैसला तार-तार होते हुए दिखाई पड़ा।
लॉकडाउन के उल्लंघन व लोगों के पलायन को रोकने के लिए राज्यों व जिलों की सीमाएं प्रभावी रूप से सील करने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन बदायूं जिले की अधिकतर सीमाओं पर अभी भी लोगों की आवाजाही जारी है। ऐसे में सरकार के आदेशों का उल्लंघन होता नजर आ रहा है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए मुख्यमंत्री डिस्ट्रेस रिलीफ फंड के लिए एक लाख रुपये दिए हैं।
दिल्ली और अन्य स्थानों से इटावा जिले के विभिन्न गांवों में लौटने वाले प्रवासी श्रमिकों को स्थानीय प्राथमिक विद्यालयों और जूनियर विद्यालयों में रखा जा रहा है। इन स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर में बदल दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट जेबी सिंह ने बताया कि लोग बड़ी संख्या में लौट रहे हैं इसलिए यह निर्धारित करना मुश्किल है कि किनका परीक्षण हो गया है और किन लोगों का नहीं हुआ। इसलिए सभी ग्राम प्रधानों से ऐसे सभी लोगों की सूची मांगी गई है, जो बाहर से आए हैं। फिलहाल उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है, अगर उनमें कोई लक्षण नहीं नजर आते हैं तो उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
अलीगढ़ जिला प्रशासन ने बंद पड़ी फैक्टरियों के मजदूरों व किराएदारों को राहत देने के लिए सख्त कदम उठाने की घोषणा की है। डीएम ने सभी फैक्ट्री संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वह किसी को नौकरी से नहीं निकालेंगे। इसके साथ ही उन्हें हर हाल में 31 मार्च तक वेतन देंगे। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली से लौट रहे प्रवासी कामगारों की स्थिति का जायजा लेने के लिए सीएम योगी आज दोपहर नोएडा पहुंचेंगे। इसके बाद वो दिल्ली में स्थित कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण करेंगे। आज रात दिल्ली में ही रुकने के बाद सीएम योगी कल गाजियाबाद और मेरठ के दौरे पर जाएंगे।
लॉकडाउन के बीच खाद्य सामग्रियों और अन्य सामानों की मनमानी कीमतों पर चल रही बिक्री की शिकायत के बाद वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा और एसएसपी प्रभाकर चौधरी आम आदमी बन कर सुबह कई इलाकों में पहुंच गए। इस दौरान कई दुकानदार डीएम-एसएसपी को पहचान नहीं पाए, और उनको भी खाद्य वस्तुओं के मनमाने दाम बताने लगे। इस बीच ज्यादा मूल्य पर सामान बेच रहे कई दुकानदारों को हिरासत में ले लिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर कहा है कि उत्तर प्रदेश में रहने वाले दिल्ली के लोगों का यूपी सरकार पूरा ख्याल रखेगी। उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली सरकार भी दिल्ली में रहने वाले यूपी के निवासियों की स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य आवश्यकताओं की देखभाल सुनिश्चित करेगी।
मेरठ के मवाना क्षेत्र में दस विदेशी नागरिकों के मिलने के बाद हड़कंप मच गया। ये सभी नागरिक जमात के साथ यहां पहुंचे थे। बताया गया कि इनमें इंडोनेशिया, केन्या, सूडान समेत कई देशों के नागरिक हैं। एलआईयू जांच में नागरिकों के एकत्र होने की जानकारी मिलने पर पुलिस स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंची और सभी नागरिकों को जांच के बाद आइसोलेट करा दिया।
लॉकडाउन के छठे दिन कानपुर सहित आसपास के जिलों उन्नाव, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, महोबा, बांदा, हमीरपुर, उरई में सुबह से ही बाजार भी भीड़ दिखी। लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते दिखे। कानपुर के मंधना में सब्जी की ठेलिया पर लोग भीड़ लगाकर खरीदारी करते दिखे। बैंक ऑफ बड़ौदा पी रोड में ग्राहकों की लंबी लाइन लगी रही। यहां भी सोशल डिस्टेंस का ख्याल नहीं रखा गया।
लॉकडाउन के बीच उत्तर प्रदेश के मनरेगा मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के 27.5 लाख मनरेगा मजदूरों के खाते में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी ने कुल 611 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी ने की मजदूरों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचात भी की। इस दौरान उन्हें सीएम ने खुद सरकारी योजनाओं के बारे में बताया।
दिल्ली नोएडा और गाजियाबाद से लौटकर अपने घरों को जा रहे कोरोना संदिग्ध 10 लोगों को शाहजहांपुर जिला अस्पताल के क्वारंटाइन वार्ड में भर्ती कराया गया है। यह सभी शाहजहांपुर जिले के रहने वाले हैं। इन लोगों का सैंपल लेकर जांच के लिए आज ही लखनऊ भेजा जाएगा।
आगरा में अमर उजाला फाउंडेशन के बैनर तले शहर के समाजसेवियों ने घरों की ओर निकले मुसाफिरों को भोजन कराया। एनएच-2 पर रविवार को अमर उजाला कार्यालय के पास एक हजार से ज्यादा भोजन पैकेट वितरित किए गए।
कोरोना के संक्रमण पर काबू पाने के लिए आधी रात से आगरा जिले की सीमाएं सील कर दी गईं हैं। अब बाहरी जिलों से आने वाले मजदूरों या अन्य लोगों को भी जिले में प्रवेश नहीं मिल पाएगा।
नोएडा प्राधिकरण ने नोएडावासियों को घर पर रहकर दैनिक वस्तुओं, दवाईयां व फल/सब्जी के डोरस्टेप डिलीवरी की व्यवस्था को नागरिकों के लिए और भी सरल बना दिया है। प्राधिकरण के सीईओ ने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर बताया कि अब आप(नोएडावासी) मोबाइल द्वारा अपने क्षेत्र के दुकानों से सीधा संपर्क कर सकते हैं। ऐसा करने के लिए उन्हें मोबाइल नंबर 88600 32939 पर कॉल करना होगा।
प्रदेश के 24000 लेखपालों ने एक दिन का वेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है। यह 3.50 करोड़ रुपये से अधिक होगा। लेखपाल संघ की ओर से इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेज दिया गया है। लेखपाल संघ के महामंत्री ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि प्रत्येक लेखपाल संदिग्ध मरीजों की सूची बनाने, उनके आइसोलेशन तथा खान-पान की व्यवस्था करने के लिए प्रयासरत है।
केजीएमयू में नौवें दिन भी कोई मरीज पॉजिटिव नहीं मिला है। शनिवार को लिए गए सभी 14 सैंपल निगेटिव पाए गए। केजीएमयू की लैब में शनिवार शाम से रविवार दोपहर तक प्रदेशभर से आए 79 नमूनों की जांच हुई। सभी जांच में निगेटिव पाए गए।
यूपी से लगे सभी राज्यों की सीमाएं सील
गृह मंत्रालय की सख्ती के बाद यूपी से लगे सभी राज्यों की सीमाओं को सील कर दिया गया है। प्रदेश से सटे राज्यों से अब लोग पैदल भी नहीं आ सकेंगे। डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने बताया की यूपी से लगे उत्तराखंड, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार की सीमाओं को सील कर दिया गया है। अब इन राज्यों से लोग लॉकडाउन की अवधि में यूपी में प्रवेश नहीं कर सकते हैं। नेपाल से लगे प्रदेश के 6 जिलों में भी सीमाओं को सील कर दिया गया है।