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निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए वेंटीलेटर का इंतजाम करना आसान नहीं

Sat, 28 Mar 2020 01:51 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी अमित यादव, उमर उजाला, लखनऊ 
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CoronaVirus- hospital facility - फोटो : PTI
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प्रदेश में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सरकार निजी और सरकारी मेडिकल कालेजों तथा छह चिकित्सा संस्थानों के जरिये ज्यादा से ज्यादा आइसोलेशन व क्वारंटीन बेड तैयार कराने की कोशिश में है लेकिन निजी मेडिकल कॉलेजों के लिए वेंटीलेटर का इंतजाम करना आसान नहीं होगा। मौजूदा हालात में देश क्या अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी वेंटीलेटर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में निजी मेडिकल कॉलेज सीमित संसाधनों से ही कोरोना वायरस पर नियंत्रण की कोशिश कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभी मेडिकल कॉलेजों में कुल 11 हजार आइसोलेशन और क्वारंटीन बेड की व्यवस्था करने की अपील की थी। इसके 48 घंटे के अंदर ही 27 निजी मेडिकल कॉलेजों में अलर्ट हो गया है। हर जिले के सीएमओ इसमें सहयोग करने को कहा गया है जबकि महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को समन्वय का जिम्मा सौंपा गया है। 

तमाम कोशिशों के बावजूद अभी तक लगभग दो हजार बेड और 200 वेंटीलेटर की ही व्यवस्था हो पाई है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि इसे जल्द ही बढ़ाकर तीन गुना किया जाएगा। निजी मेडिकल कॉलेजों के सामने सबसे बड़ी समस्या वेंटीलेटर का इंतजाम करने की है। तमाम निजी मेडिकल कॉलेज वेंटीलेटर की व्यवस्था करने के लिए हाथ-पांव मार भी रहे हैं लेकिन मार्केट में उपलब्धता न होने से वे कुछ कर नहीं पा रहे हैं।
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एमसीआई के मानकों के अनुसार प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में 600 बेड का अस्पताल जरूरी है। यह मानक मेडिकल कॉलेजों की सीटों के आधार पर तय होता है। चिकित्सा शिक्षा विभाग की मानें तो प्रत्येक निजी मेडिकल कॉलेज में न्यूनतम 180 और अधिकतम 200 आइसोलेशन और क्वारंटीन बेड के साथ पांच वेंटीलेटर व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज संचालकों ने भी सहमति दे दी है। सभी से बेड व वेंटीलेटर की डिटेल मांगी गई है। निजी क्षेत्र में लगभग 200 वेंटीलेटर की व्यवस्था होने का अनुमान है।

अपने स्तर से इंतजाम में जुटे हैं निजी मेडिकल कॉलेज

प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेज अपने स्तर से कोरोना वायरस से निपटने के इंतजाम कर रहे हैं। मेयो इंस्टीट्यूट ऑफ  मेडिकल सेंटर बाराबंकी की निदेशक डॉ. मधुलिका सिंह ने बताया कि उनके पास 24 वेंटीलेटर हैं। आइसोलेशन और क्वारंटीन के 200 बेड के साथ सभी 24 वेंटीलेटर कोरोना वायरस संक्र्तमित मरीजों के लिए आरक्षित किया गया है। इसके अलावा गोमती नगर लखनऊ में स्थित मेयो हॉस्पिटल में भी 30 बेड आरक्षित किए जा रहे हैं। 

यहां भी जरूरत पड़ने पर वेंटीलेटर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अपील के बाद ही मेडिकल कॉलेज में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई थी। बाराबंकी डीएम ने भी मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण किया था। वह तैयारियों से संतुष्ट हैं। वाराणसी के हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के प्रबंधन के अनुसार मुख्यमंत्री की अपील के बाद 180 आइसोलेशन व क्वारंटीन बेड के साथ 10 वेंटीलेटर की व्यवस्था संभावित कोराना पॉजिटिव मरीजों के लिए की गई है। जरूरत पड़ी तो इसे और बढ़ाया जाएगा।

राजधानी के प्रसाद मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. वीके श्रीवास्तव ने बताया कि बताया कि 180 बेड के आइसोलेशन और क्वारंटीन बेड की व्यवस्था की गई है। पांच वेंटीलेटर भी आरक्षित किए गए हैं। इंटीग्रल इंस्टीट्यूट के डॉ. एमएन सिद्दीकी ने बताया कि आइसोलेशन और क्वारंटीन के 200 बेड मरीजों के लिए व्यवस्था की गई है। 110 बेड कॉलेज के स्टाफ  के लिए जरूरत पड़ने पर रखे जाएंगे। अस्पताल में 12 वेंटीलेटर हैं। पांच कोरोना पॉजिटिव मरीजों के लिए आरक्षित किए जा रहे हैं।

 
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कई मेडिकल कॉलेज के संचालकों का कहना है कि वेंटीलेटर सहित बेड की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बना हुआ है। एक तो इतनी जल्दी किसी भी हॉस्पिटल के लिए वेंटीलेटर खरीदना संभव नहीं है और अगर किसी तरह खरीदने का इंतजाम भी किया जाए तो उपलब्धता नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही वेंटीलेटर के लिए प्रशिक्षित स्टाफ  की जरूरत होगी। वह भी इतनी जल्दी मिलना संभव नहीं। एक वेंटीलेटर संचालन के लिए टेक्नीशियन मरीज की देखरेख के लिए डेडिकेटेड नर्स की जरूरत पड़ती है। तात्कालिक तौर पर इसकी भी व्यवस्था करना कठिन होगा।
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