लखनऊ। प्रदेश में कोराेना की दस्तक होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर अलर्ट मोड की बजाय साइलेंट मोड पर हैं। अफसर शासन से गाइडलाइन आने का इंतजार कर रहे हैं। जबकि मुख्यमंत्री ने बीते दिनों बेड रिजर्व करने संग ऑक्सीजन प्लांट दुरुस्त रखने के निर्देश दिए थे। अस्पतालों में अभी तक कोविड के लक्षण वालों की जांच तक शुरू नहीं हुई है। सीएमओ का कहना हैै कि अभी तक कोई निर्देश जांच के लिए नहीं मिले हैं।
प्रदेश में कोरोना के चार मामले सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर सुस्त हैं। अस्पतालों में जांच व इलाज के इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। लक्षण वाले मरीज जांच के लिए भटक रहे हैं। ये हाल तब है जब सीएम ने बीते दिनों सभी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और स्वास्थ्य इकाइयों को अलर्ट किया था। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने के निर्देश दिए गए थे। सबसे जरूरी बात यह है कि सरकारी अस्पतालों में जांच शुरू नहीं हुई है। लक्षण वाले मरीजों को दवा देकर वापस किया जा रहा है। जांच के पुख्ता इंतजाम तक नहीं किए गए हैं। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि शासन से जांच के लिए अभी कोई गाइडलाइन नहीं आई है।
सीएमओ के अधीन सीएचसी पर जांच किट तक नहीं
सीएमओ के अधीन 20 सीएचसी का संचालन हो रहा है, जहां पर किट न होने से जांच ठप है। अफसरों का कहना है कि कॉर्पोरेशन से किट नहीं मिली है। ऐसे में जांच ठप है। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि कॉर्पोरेशन से अभी जांच किट नहीं मिली है। किट आते ही सभी लक्षण वालों की जांच शुरू कर दी जाएगी।