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राजधानी में 18 दिनों में 24 गुना हुई संक्रमण की दर, पांच से 23 मार्च तक कुल 1102 केस किए गए दर्ज, 120 मरीज अस्पतालों में भर्ती, इनमें से गंभीर 10 से भी कम

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लखनऊ। राजधानी में मंगलवार को कोरोना के 232 मरीज मिलने के साथ संक्रमण की दर लंबी छलांग लगाकर 2.59 प्रतिशत पर पहुंच गई, प्रदेश के संक्रमण की दर 0.53 के मुकाबले लगभग पांच गुना रही। इसके साथ ही यह पांच मार्च की संक्रमण की दर के मुकाबले लगभग 24 गुना है और 14 मार्च की दर के मुकाबले आठ गुना है। गौरतलब है कि पांच मार्च से ही राजधानी में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ना शुरू हुई थी और 14 मार्च के बाद एक भी दिन इसमें गिरावट नहीं आई है।
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पांच को 6145 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से सिर्फ सात मामले संक्रमण के थे। संक्रमण की दर केवल 0.11 प्रतिशत था। 14 मार्च को यह 0.33 प्रतिशत रही। इस दिन 5696 सैंपल में 19 पॉजिटिव मिले। इसके बाद 23 को 8948 सैंपल लिए गए, जिनमें से 232 में संक्रमण मिला। इसकी दर 2.59 प्रतिशत रही।
सक्रिय केस की संख्या पहुंची 952
बढ़ते संक्रमण का असर सक्रिय मरीजों की संख्या पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटे में 38 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया। इसके बावजूद सक्रिय केसों का आंकड़ा 952 पहुंच गया। राहत की बात यह रही कि किसी संक्रमित की मौत नहीं हुई। मंगलवार को जारी रिपोर्ट में 8948 सैंपल में से 232 पॉजिटिव निकले। सीएमओ डॉ. संजय भटनागर ने बताया कि इंदिरानगर में 24, गोमतीनगर में 14, हजरतगंज में 9, अलीगंज मेें 12, जानकीपुरम में 9, विकासनगर में 11, आशियाना में 9, महानगर में 12 मरीज मिले। कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए 39 मरीजों को अस्पतालों का आवंटन हुआ। इसमें से 21 को भर्ती कराया गया, बाकी 18 ने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना। लखनऊ में सक्रिय होम आइसोलेशन मरीजों की संख्या 639 पहुंच चुकी है।
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राहत की बात कि गंभीर मरीजों की संख्या 10 से कम
पांच मार्च के बाद 18 दिनों में राजधानी में 1102 मरीजों में से 120 ही लेवल 3 के तीनों अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से गंभीर 10 से भी कम है। अभी केवल इन तीन अस्पतालों में ही संक्रमित भर्ती किए जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि इन 18 दिनों में 882 मरीज या तो होम आइसोलेशन में हैं या स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, अस्पतालों में भर्ती संक्रमितों में 65 फीसदी 60 साल से ज्यादा आयु वर्ग के हैं। इनका किडनी, हार्ट, शुगर और ब्लड प्रेशर का लंबे समय से इलाज चल रहा है। लेवल-3 अस्पताल में भर्ती मरीजों में से कुछ को छोड़कर ज्यादातर की स्थिति सामान्य है। हालांकि, कई मरीज कम उम्र के भी हैं और उनकी किसी बीमारी की केस हिस्ट्री भी नहीं है। इनमें संक्रमण के कोई लक्षण भी नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस समय केजीएमयू में 39, लोहिया संस्थान में 40 तथा पीजीआई में 40 मरीज भर्ती हैं। केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि वैसे तो संक्रमण के मामले सभी आयु वर्ग से आ रहे हैं, पर भर्ती मरीजों में 65 फीसदी तक 60 साल से ऊपर के हैं। पहले से किसी न किसी बीमारी का इलाज चलने से इनकी इम्यूनिटी काफी कमजोर है। इससे इनके निगेटिव होने में भी थोड़ा समय लग रहा है। वहीं, जो मरीज किसी गंभीर रोग से पीड़ित नहीं हैं उनकी स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य है।
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