फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: बालगृह तक पहुंचा कोरोना, 32 संवासनियां संक्रमित, दो गर्भवती भी वायरस की चपेट में

Thu, 13 May 2021 03:16 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बाल आयोग और बाल कल्याण समिति को सूचना मिली तो बुधवार शाम इन्हें अलग शिफ्ट करने की व्यवस्था हो पाई। इनमें से 29 संक्रमित बालिकाओं को बृहस्पतिवार सुबह निरालानगर स्थित आइसोलेशन सेंटर शिफ्ट किया जाएगा।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में पांव पसार चुका कोरोना मोतीनगर स्थित बालिका बालगृह तक पहुंच गया है। इसकी 32 संवासनियां संक्रमित हो गई हैं, जिनमें एक मानसिक दिव्यांग और दो गर्भवती हैं। इनकी जांच रिपोर्ट आए तीन-चार दिन बीत गए हैं, लेकिन इन्हें आइसोलेट नहीं किया गया। बाल आयोग और बाल कल्याण समिति को सूचना मिली तो बुधवार शाम इन्हें अलग शिफ्ट करने की व्यवस्था हो पाई। इनमें से 29 संक्रमित बालिकाओं को बृहस्पतिवार सुबह निरालानगर स्थित आइसोलेशन सेंटर शिफ्ट किया जाएगा। मानसिक दिव्यांग और दो गर्भवती को बालगृह में ही आइसोलेट किया जाएगा।

विज्ञापन

 
चिट्ठी-पत्री में ही बीत गए तीन दिन
राज्य बाल आयोग की सदस्य डॉ. सुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि दो कमरों में 16-16 बच्चियों को रखा गया है। इनमें कुछ पाक्सो एक्ट के मामलों की भी हैं। बिना सुरक्षा हम इन्हें शिफ्ट नहीं करा सकते थे। ऐसे में विभाग ने 10 मई को ही गार्ड के लिए पत्र लिख दिया था। इसके बाद तीन दिन बीत गए हैं। मामले में अपर जिलाधिकारी पूर्वी केपी सिंह से बात भी हुई थी। पहले उन्होंने बालगृह के ही गार्ड के लिए कहा। हम बालगृह के गार्ड रख देंगे तो यहां की निगरानी कौन करेगा। एडीएम पूर्वी का कहना है कि देरी नहीं हुई है, सारी व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। बृहस्पतिवार को गार्ड दे दिए जाएंगे।

विज्ञापन

29 बालिकाएं की जाएंगी शिफ्ट

सीडब्ल्यूसी सदस्य डॉ. संगीता शर्मा ने बताया कि 29 लड़कियों को शिफ्ट करने की तैयारी पूरी हो गई है। मानसिक दिव्यांग और गर्भवती को बालगृह में ही आइसोलेट रखा जाएगा। कहीं व्यवस्था न होने पर राज्य बाल आयोग और बाल कल्याण समिति ने सेवा भारती अवध प्रांत से संपर्क किया। उन्होंने बालिकाओं को निरालानगर स्थित सेंटर में शिफ्ट करने की अनुमति दे दी है। अधीक्षिका रीता टंटा से बात करने की कोशिश की गई, पर उनका फोन लगातार पहुंच से बाहर रहा। 

65 अन्य पर संक्रमण का खतरा
बालगृह बालिका में 97 बालिकाएं हैं। संक्रमित पाए जाने के बाद बालिकाओं को भले ही दो कमरों में रखने की बात की जा रही हो, लेकिन इनके एक ही परिसर में रहने से अन्य बालिकाओं में संक्रमण फैलने का खतरा है। डीपीओ जयपाल वर्मा ने कहा कि लगातार निगरानी और सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। जितनी जगह है उसमें संक्रमितों को आइसोलेट करके रखा गया है। देर से शिफ्टिंग पर उन्होंने कुछ नहीं कहा।

ये है बालगृहों की फैक्ट फाइल
28 बाल गृह हैं राजधानी में, निजी-सरकारी मिलाकर
05 बालगृह बालिकाएं हैं शहर में
02 बालगृह बालिका की क्षमता 50
02 बालगृह बालिका की क्षमता 25
01 बालगृह बालिका की क्षमता 100 
50 फीसदी होनी चाहिए कोविड काल में रहने वालों की संख्या, अभी क्षमता से अधिक हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें