फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना का कहर : यूपी में 28287 नए मरीज, 10978 डिस्चार्ज, बीते 24 घंटे में 167 मरीजों की मौत

Mon, 19 Apr 2021 09:16 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी में सोमवार को 28287 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। वहीं 10978 मरीजों के डिस्चार्ज होने से थोड़ी राहत भी रही। प्रदेश भर में कुल 167 मरीजों की संक्रमण के कारण मौत हो गई। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या अब 208523 हो गई है।
विज्ञापन
कोरोना वायरस - फोटो : self
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी में सोमवार को 28287 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले। वहीं 10978 मरीजों के डिस्चार्ज होने से थोड़ी राहत भी रही। प्रदेश भर में कुल 167 मरीजों की संक्रमण के कारण मौत हो गई। प्रदेश में एक्टिव मरीजों की संख्या अब 208523 हो गई है।

विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग से जारी रिपोर्ट के अनुसार अब तक 879831 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 661311 संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। कुल 9997 की अब तक मौत हो चुकी है। सोमवार को लखनऊ में 5897, वाराणसी में 2668, प्रयागराज में 1576, कानपुर नगर में 1365, मेरठ में 911, गाजियाबाद 827, गोरखपुर 810, सुल्तानपुर 715, झांसी 632, मुजफ्फरनगर 566, रायबरेली 548, बलिया में 500 मरीज मिले हैं। सबसे अधिक 22 मरीजों की मौत लखनऊ में हुई है। इसके अलावा कानपुर नगर में 18, वाराणसी में 10, प्रयागराज में 09 मरीजों की मौत हुई है।

कोरोना को मात देने वाले प्लाज्मा दान करके बचा सकते हैं दूसरों की जान 
किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ने कोरोना को मात देने वालो से प्लाज्मा दान करने की अपील की है। विवि के ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ तूलिका चंद्रा ने इसके लिए पूरी गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें कहा गया है कि कोरोना संक्रमण को मात देने वाले व्यक्ति 14 दिन बाद प्लाज्मा दान कर सकते हैं। इससे उन्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
विज्ञापन


डॉ तूलिका चंद्रा ने बताया कि संक्रमण को मात देने के बाद न्यूनतम 14 दिन और अधिकतम 28 दिन तक दान किया जा सकता है। इसके साथ ही कोरोना टीकाकरण कराने वाले भी प्लाज्मा दान कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए कम से कम 28 दिन बीत चुके होने चाहिए। प्लाज्मा दान करने वाले के डायबिटीज, हाइपरटेंशन, अस्थमा और थायरॉइड जैसी बीमारियों नहीं होनी चाहिए। दान लेने से पहले व्यक्ति के हीमोग्लोबिन, सामान्य स्वास्थ्य, कोविड एंटीबॉडी की जांच की जाएगी। प्लाज्मा दान करने के लिए किसी प्रकार की ब्लडग्रुप संबंधी बाध्यता नहीं। केजीएमयू से पूरे प्रदेश में प्लाज्मा भेजा जाता है।

शताब्दी के फर्स्ट फ्लोर पर है विभाग
विभागाध्यक्ष ने इस बात की आशंका को खारिज किया है कि दान करने के दौरान वे संक्रमितों के सम्पर्क में आ सकते हैं। ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग शताब्दी फर्स्ट फ्लोर पर है। वहाँ संक्रमण की आशंका नहीं है तथा व्यक्ति बिना संक्रमित के सम्पर्क में आये प्लाज्मा दान कर सकते हैं। विभाग में इसके लिए सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच सम्पर्क किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें