फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना : राजधानी में पहली बार केस 10 के नीचे पर बढ़ी निगरानी, महाराष्ट्र-गुजरात में ब्राजील का स्ट्रेन मिलने से बढ़ी चिंता

विज्ञापन
जू आने वाले लोगों की बुधवार को गेट पर कोविड जांच की गई।
विज्ञापन
लखनऊ। राजधानी में पहली बार कोरोना के 10 से कम केस मिले। बुधवार को नौ ही मरीज मिले, लेकिन महाराष्ट्र व गुजरात में बढ़े केस और ब्राजील, अफ्रीका का नया स्ट्रेन मिलने से स्वास्थ्य विभाग ने हर स्तर पर निगरानी का निर्देश दिया है। विदेशों से आने वालों की एयरपोर्ट पर जांच के साथ 10 दिन तक निगरानी की जा रही है। एक्सप्रेस-वे और टोल प्लाजा पर भी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन

अभी तक स्वास्थ्य विभाग का मानना था कि लोग मास्क पहनते रहें और सावधानियां बरतें तो राजधानी में एक मार्च तक मरीजों की संख्या शून्य के आसपास पहुंच सकती है। हालांकि, बदले हालात से फिर निगरानी बढ़ा दी गई है। राजधानी में अब तक 81,714 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 1,186 की मौत हो गई है। इन दिनों 379 एक्टिव केस हैं। 11 फरवरी को 30 मरीज मिलने के बाद से लगातार इनकी संख्या घट रही है।
0.13 फीसदी पहुंची संक्रमण दर
कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग प्रभारी डॉ. एमके सिंह ने बताया कि राजधानी में संक्रमण दर 0.13 फीसदी तक पहुंच गई है, लेकिन दूसरे राज्यों में कोविड मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट पर फोकस सैंपलिंग की गई। पांच दिन में करीब 15 हजार से ज्यादा लोगों की जांच कराई जा चुकी है, लेकिन कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला।
विज्ञापन

विदेशियों पर खास नजर
डॉ. एमके सिंह ने बताया कि विदेशियों की एयरपोर्ट पर जांच कराई जा रही है। उन्हें लक्षण पहचानने व मास्क पहनने के बारे में बताया जाता है। एक टीम 10 दिन तक विदेश से लौटने वालों की निगरानी करती है। फोन करके इनके हालात के बारे में जानकारी ली जा रही है।
फोकस सैंपलिंग के बाद होगी स्पॉट जांच
स्वास्थ्य विभाग अभी फोकस सैंपलिंग करा रहा है। इसके बाद स्पॉट सैंपलिंग होगी। इसमें भीड़भाड़ वाले स्थान पर टीम पहुंचेगी। एक स्थान से पांच से 10 लोगों के सैंपल लेगी। इसकी आरटीपीसीआर जांच के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
राहत : तीन दिन से एक भी मौत नहीं
फरवरी में अब तक सात लोगों की मौत हुई है, जबकि 15 सितंबर को एक दिन में 16 रोगियों की जान गई थी। 14 फरवरी को एक व्यक्ति की मौत हुई थी। इसके बाद से अभी तक तीन दिन में किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है।
सावधानी बरतें, मास्क जरूर लगाएं
केजीएमयू के रेस्पेरेटरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकांत का कहना है कि राजधानी में कोरोना के केस दस से नीचे आ गए हों, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है। मास्क जरूर लगाएं। टीकाकरण कराने वाले भी इसका प्रयोग करते रहें।
लापरवाही से बढ़ जाते हैं मरीज
लोहिया संस्थान में मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह ने कहा कि दूसरे प्रदेशों की स्थिति देखते हुए सभी को सावधान रहना होगा। जब लोग मास्क लगाना छोड़ देते हैं तो सप्ताहभर बाद कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ जा रही है। दूसरे राज्यों में केस बढ़ने की प्रमुख वजह यही मानी जा रही है।
जारी की जाएगी नई गाइडलाइन
चिकित्सा महानिदेशक डॉ. डीएस नेगी ने कहा कि नए स्ट्रेन के मरीज प्रदेश में नहीं मिले हैं। फिर भी निगरानी रखी जा रही है। विदेश ही नहीं, दूसरे प्रदेशों से आने वालों की भी जांच कराई जा रही है। ब्राजील और अफ्रीका वाले स्ट्रेन को लेकर जल्द नई गाइडलाइन जारी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें