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महामारी ने मेडिकल एजुकेशन को किया प्रभावित: पढ़ाई एमडी की, पर सीख रहे कोविड का इलाज

Fri, 28 May 2021 01:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

कोरोना महामारी ने मेडिकल एजुकेशन को बुरी तरह प्रभावित किया है। हाल ये है छात्र विशेषज्ञता की पढ़ाई चाहे जिसमें कर रहे हों पर प्रैक्टिस उन्हें कोरोना मरीजों के साथ ही करनी पड़ रही है। देखें एक रिपोर्ट: 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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विशेषज्ञता की डिग्री पर इलाज सीखा कोरोना का। सुनने में अजीब है पर कोरोना महामारी ने मेडिकल एजुकेशन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कोरोना संकट में सामान्य पढ़ाई तो बाधित हुई ही है पर मेडिकल की पढ़ाई की हालत और भी खराब रही। पिछले डेढ़ साल से अस्पतालों और संस्थानों में ज्यादातर मरीज सिर्फ कोरोना के ही आ रहे हैं। ऐसे में मेडिकल स्टूडेंट्स पढ़ाई भले ही किसी भी विशेषज्ञता की कर रहे हों पर सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल उन्होंने कोरोना के मरीजों के साथ ही किया है।

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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में जहां देशभर से मरीज इलाज कराने आते हैं तो वहीं यहां से डिग्री पाने वाले डॉक्टर दुनिया भर में जाकर मरीजों का इलाज करते हैं। सामान्य दिनों में संस्थान में औसतन 10 हजार मरीज ओपीडी में रोज आते हैं। यहां के 72 विभागों में छोटे-बड़े कुल मिलाकर रोजाना सौ से ज्यादा ऑपरेशन भी रोज होते हैं। यहां के विद्यार्थियों की उत्कृष्टता के पीछे अच्छे शिक्षकों के साथ ही मरीजों की संख्या का भी बड़ा योगदान है। कोरोना महामारी आने के बाद संस्थान को महामारी के लिए विशेषज्ञ अस्पताल का दर्जा दिया गया।

इसके बाद से यहां कोविड मरीजों का ही इलाज हो रहा है। संस्थान में पढ़ाई करने वाले एमडी, एमएस और एमडीएस की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट सर्जरी और मेडिसिन की ओपीडी छोड़कर कोरोना के इलाज में लगे हुए हैं। बाकी मर्ज के इलाज के लिए न तो उनके पास मरीज थे और न ही समय। ऐसे में आपात स्थिति में सिर्फ ट्रॉमा सेंटर में ही मरीज लिये जा रहे हैं। पर वहां आने वाले मरीजों की संख्या भी सामान्य दिनों के मुकाबले एक चौथाई भी नहीं है। ऐसे में मेडिकल स्टूडेंट्स किताबी पढ़ाई तो कर रहे हैं पर अन्य बीमारियों का उपचार या सर्जरी का अभ्यास सामान्य दिनों के मुकाबले 10 फीसदी भी नहीं कर पा रहे हैं।

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कैंसर और प्रसूति विभाग में नहीं हुई परेशानी

केजीएमयू में इस समय ओपीडी बंद चल रही हैं। इसके बावजूद कैंसर के साथ ही क्वीन मेरी में इलाज जारी है। इसकी वजह से इन विभाग में पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स को ज्यादा परेशानी नहीं हुई है।

एमबीबीएस में शुरू हुए ऑनलाइन इम्तिहान
चिकित्सा विवि ने कोरोना महामारी के बीच स्टूडेंट्स के इम्तिहान की शुरुआत कर दी है। संस्थान में एमबीबीएस के विद्यार्थियों की ऑनलाइन परीक्षा की शुरुआत हो गई। बाकी विद्यार्थियों की परीक्षा ऑफलाइन ही होगी।

पीजी के इम्तहान अगले महीने
केजीएमयू के परीक्षा विभाग ने परास्नातक की डिग्री-एमएस, एमडी और एमडीएस का परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 12 जून से होनी है।

बाकी संस्थाओं का भी यही हाल
लखनऊ में केजीएमयू के साथ ही इससे संबद्ध कॉलेज में भी यही हालात हैं। उन सभी को कोविड अधिकृत अस्पताल घोषित कर दिया गया। इससे वहां सामान्य इलाज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में विद्यार्थी इस समस्या से जूझ रहे हैं।

इमरजेंसी सेवाओं के चालू रहने से हुई भरपाई
प्रवक्ता केजीएमयू, डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि केजीएमयू में पढ़ाई और इलाज दोनों में कोई समस्या नहीं रही। अच्छी बात यह है कि महामारी के समय भी यहां इमरजेंसी सेवाएं चलती रहीं। इससे स्टूडेंट्स को केस मिलते रहे और पढ़ाई होती रही। गायनकोलॉजी समेत कई विभाग में महामारी के दौरान भी काफी मरीज भर्ती हुए हैं।
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