दरोगा व सिपाही अब मनचाही तैनाती पाने या तबादला रुकवाने के लिए पत्नी की अर्जी पर नेताओं व अफसरों से सिफारिश नहीं करा सकेंगे। उन्हें खुद अर्जी देने के साथ ख्वाहिश की वजह बतानी होगी। आईजी स्थापना एसबी शिरडकर ने बुधवार को बताया कि वर्षों से एक ही जिले में तैनात इंस्पेक्टर, दरोगा, हेड कांस्टेबल व सिपाहियों के बड़े पैमाने पर स्थानांतरण के साथ तबादला रुकवाने या संशोधन को लेकर अर्जी का ढेर लगने लगा।
खास बात यह कि 75 फीसदी अर्जियां पत्नी की तरफ से दी गई थीं और पुलिसकर्मी ने तबादला रुकवाने या मनचाही तैनाती के लिए नेताओं व अधिकारियों से सिफारिश करानी शुरू कर दी।छानबीन में पाया गया कि वास्तविक जरूरतमंद पुलिसकर्मियों ने अपने नाम से अर्जी देने के साथ उचित कारण बताए थे।
आईजी स्थापना ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए पुलिसकर्मी के तबादले के लिए पत्नी की अर्जी पर विचार बंद कर दिया है। उन्होंने कहा, डीजीपी से इजाजत लेकर आदेश जारी किए गए हैं। उचित कारण के चलते तबादला कुछ समय के लिए स्थगित कराने या स्थानांतरण में संशोधन के लिए पुलिसकर्मी के हस्ताक्षर से दी गई अर्जी पर ही विचार किया जाएगा।