राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और सभ्य नागरिक ही समृद्ध देश की नींव रखते हैं। वे सोमवार को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के नौवें दीक्षांत समारोह में डिग्री और पदक पाने वाले विद्यार्थियों को संबोधित कर रहीं थीं। समारोह में केंद्रीय पेट्रो केमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीपेट) के महानिदेशक प्रो. शिशिर सिन्हा को मानद उपाधि प्रदान की गई।
सीपेट के महानिदेशक प्रो. शिशिर सिन्हा ने मानद उपाधि दिए जाने पर विवि का आभार जताया। उन्होंने डिग्री और पदक पाने वाले विद्यार्थियों से कहा कि विज्ञान को नैतिकता के साथ मिश्रित किया जाना चाहिए। विद्यार्थियों से उन्होंने देश और समाज के लिए कुछ करने को कहा। उनके अनुसार, अगर आप कुछ नहीं कर सकते हैं तो फिर किसी पर अंगुली उठाने का अधिकार भी नहीं है।
दीक्षांत समारोह में बीटेक के विद्यार्थी रहे सुबम सिंह को कुलाधिपति स्वर्ण पदक और बीसीए पाठ्यक्रम के अतुल यादव को कुलपति स्वर्ण पदक दिया गया। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती मेडल बीए अरबी के छात्र रहे जबीउल्लाह को दिया गया। समारोह में कुल 1430 विद्यार्थियों को उपाधि दी गई। सभी विद्यार्थियों की डिग्रियां डिजी लॉकर पोर्टल पर भी अपलोड कर दी गईं। 149 में से 61 स्वर्ण, 45 रजत व 43 कांस्य पदक शामिल हैं। इनमे से 43 पदक छात्रों और 89 छात्राओं के हिस्से आए।
राज्यपाल ने कहा कि प्राचीन समय में विज्ञान उन्नत अवस्था में थी। उस समय विमान चलते थे। कुंभकर्ण के बारे में रावण ने फैला रखा था कि वह छह महीने सोता है। जबकि वास्तव में वह छह महीने लगातार शस्त्र तैयार करता था।
राज्यपाल ने विवि में 1200 व्यक्तियों की क्षमता वाले प्रेक्षागृह का शिलान्यास किया। साथ ही शैक्षणिक भवन में 125 किलोवाट उत्पादन क्षमता के सोलर पैनल का भी लोकार्पण किया गया। राज्यपाल ने प्रो. मुशीर अहमद, प्रो. चन्दना डे, प्रो. एहतेशाम अहमद, डॉ. नीरज शुक्ला, डॉ. सीएम नौटियाल, आशीष आर्या और डॉ. लक्ष्मण सिंह की पुस्तकों का विमोचन भी किया।